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महेंद्र गोयनका की तलाश में रायपुर पहुंची कोलकाता पुलिस:MLA संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से जुड़े 1,000 करोड़ के शेयर घोटाले का आरोप
कटनी से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से जुड़ी करीब 1,000 करोड़ रुपए की संपत्तियों और शेयरों में कथित धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को पुलिस की विशेष टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पहुंची, लेकिन मुख्य आरोपी कारोबारी महेंद्र गोयनका परिवार समेत फरार हो गए। पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से उनकी तलाश कर रही है। हाईकोर्ट के नए वारंट के बाद रायपुर पहुंची पुलिस कोलकाता हाईकोर्ट ने मामले में नया गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद कोलकाता पुलिस की विशेष टीम शनिवार को रायपुर पहुंची। पुलिस का उद्देश्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कोलकाता की अदालत में पेश करना था, ताकि आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड मांगी जा सके। 5 हजार शेयरों के मालिकाना हक में हेरफेर का आरोप यह मामला यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। कोलकाता के बोबाजार थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, महेंद्र गोयनका और उनके सहयोगियों पर जाली दस्तावेज, फर्जी हस्ताक्षर और कंपनियों की नकली मुहरों का इस्तेमाल कर शेयरों का मालिकाना हक बदलने का आरोप है। शिकायतकर्ता गोपाल कुमार यादव एडमिट विनट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उनके मुताबिक, उनकी कंपनी के पास व्यू टेक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के 5 हजार इक्विटी शेयर थे। ये शेयर उनकी कंपनी ने फ्यूचर डीलट्रेड प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे थे। शिकायत के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 फरवरी 2018 को ये शेयर एडमिट विनट्रेड के नाम दर्ज किए गए थे। मूल शेयर सर्टिफिकेट भी शिकायतकर्ता के पास सुरक्षित हैं। फर्जी बोर्ड मीटिंग और वार्षिक रिटर्न दाखिल करने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 6 जुलाई 2018 की एक कथित फर्जी बोर्ड मीटिंग का प्रस्ताव तैयार किया। इसके आधार पर वित्तीय वर्ष 2016-17 का संशोधित वार्षिक रिटर्न (MGT-7) दाखिल किया गया। इसमें दिखाया गया कि 9 मार्च 2017 को ही 5 हजार शेयर फ्यूचर डीलट्रेड से महेंद्र गोयनका एंड संस के नाम ट्रांसफर हो चुके थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी कंपनी ने न तो शेयर बेचने की सहमति दी थी और न ही इसके बदले कोई रकम मिली थी। शेयर ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों पर कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षर भी नहीं थे। एफआईआर में कई कारोबारी और फर्मों के नाम बोबाजार थाने में दर्ज एफआईआर में महेंद्र गोयनका मुख्य आरोपी हैं। अन्य आरोपियों में अभिषेक अग्रवाल, अशोक रैकवार, मनीष गोयनका, सुरेंद्र सिंह सलूजा और धनेश शिवहरे के नाम शामिल हैं। इसके अलावा महेंद्र गोयनका एंड संस और सुशील गोयनका एंड संस नाम की कारोबारी फर्मों का भी जिक्र है। वकीलों और कानूनी जानकारों के मुताबिक, महेंद्र गोयनका के भाई, पत्नी और परिवार के एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार) के खिलाफ भी धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से भी जुड़ा मामला वकीलों के मुताबिक, इस विवाद के केंद्र में विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियां भी हैं। आरोप है कि महेंद्र गोयनका ने कटनी में इन कंपनियों के साथ करोड़ों रुपए का कारोबार किया था। इसी कारोबारी और वित्तीय लेन-देन के दौरान गड़बड़ी और कंपनियों के शेयरों पर नियंत्रण हासिल करने की साजिश के आरोप लगे। पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस रायपुर में फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।