Sunday, 8 November 2026
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मैहर में जंगली हाथी को ट्रैंकुलाइज कर बांधवगढ़ ले जाएंगे:10 दिन से वन विभाग को छका रहा; चार कुमकी हाथी और 150 वनकर्मी करेंगे रेस्क्यू

INT News7 November 2026 at 10:53 pm

मैहर जिले के अमरपाटन इलाके में 10 दिन से घूम रहे जंगली नर हाथी E-5/C4 को ट्रैंकुलाइज कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेजा जाएगा। शनिवार को एलीफेंट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इसका फैसला लिया गया। रेस्क्यू अभियान 10 या 11 नवंबर को चलाया जा सकता है। इसके लिए वन विभाग ने चार कुमकी हाथियों और करीब 150 अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम तैयार की है। विशेषज्ञों की निगरानी में होगा रेस्क्यू प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक डॉ. समीता रजौरा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। इसमें मैहर डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा भी मौजूद रहे। बैठक में विशेषज्ञों और वरिष्ठ वन अधिकारियों ने हाथी के व्यवहार, पिछले 10 दिनों की निगरानी और इलाके की स्थिति की समीक्षा की। तय किया गया कि निर्धारित एसओपी के तहत विशेषज्ञों की निगरानी में हाथी को ट्रैंकुलाइज कर उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाया जाएगा। चार कुमकी हाथियों की मदद से चलेगा अभियान अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि रेस्क्यू के लिए गोरसरी कैंप में चार कुमकी हाथियों को तैयार रखा जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इनकी मदद से अभियान चलाया जाएगा। इसमें बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और मैहर वन मंडल के करीब 150 अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। कॉलर आईडी से रखी जा रही नजर हाथी के गले में लगे कॉलर आईडी की मदद से वन विभाग उसकी लोकेशन पर नजर रख रहा है। फिलहाल उसकी लोकेशन रामनगर इलाके के मनगवां-गल्हरी क्षेत्र में बताई जा रही है। हाथी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिससे वन विभाग की टीम को उसकी निगरानी में चुनौती आ रही है। बाणसागर डैम तैरकर पहुंचा था मैहर हाथी 28-29 अक्टूबर की रात बाणसागर डैम तैरकर रामनगर इलाके की सेमरिया ग्राम पंचायत पहुंचा था। इसके बाद से वह अलग-अलग गांवों और जंगलों में घूम रहा है। वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू की तैयारी में जुटी है। ग्रामीणों से सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील वन विभाग ने हाथी के घूमने वाले संवेदनशील इलाकों के ग्रामीणों से पंचायत भवन और सामुदायिक भवन जैसे पक्के और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आम लोगों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और प्रशासनिक अमले से हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने को कहा गया है।