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अभिषेक के घर पर हमले से भड़कीं ममता, बोलीं-बुलडोजर लाओ, मुझे कुचलकर दिखाओ

INT News7 November 2026 at 10:44 pm

ममता बनर्जी ने कहा, "मैं कहीं नहीं जा रही हूं. मैं यहीं कोलकाता में ही रहूंगी. दिल्ली दौड़कर कोलकाता आएगी." उनके इस बयान को केंद्र और भाजपा नेतृत्व को दी गई राजनीतिक चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है.

ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर शनिवार तड़के कोलकाता के कालीघाट इलाके में अभिषेक बनर्जी के आवास को निशाना बनाया. उन्होंने दावा किया कि रात दो से तीन बजे के बीच भाजपा के गुंडे पुलिस के साथ मिलकर लोगों के घरों पर हमला कर रहे थे.

‘हिम्मत है तो मेरे ऊपर बुलडोजर चढ़ा दो’

भाजपा को खुली चुनौती देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "आपके पास कितने बुलडोजर हैं? सब बुलडोजर ले आइए. मैं यहीं खड़ी हूं. अगर हिम्मत है तो आइए और मेरे शरीर पर बुलडोजर चढ़ा दीजिए."

उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए धनबल और पुलिस तंत्र का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. ममता ने कहा कि वह किसी भी तरह के अत्याचार के सामने झुकने वाली नहीं हैं.

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कालीघाट में पूजा की तैयारियों को रोकने का आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके कालीघाट स्थित आवास की ओर जाने वाली गली को अवरुद्ध कर रही है. इससे काली पूजा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर स्थानीय लोगों को काम करने से रोका जा रहा है.

उन्होंने कहा, "हमारे घर में पूजा हो रही है. काम करना है, लेकिन पुलिस गली को अवरुद्ध कर रही है. यह पाटुआपाड़ा है, जहां देवियों की मूर्तियां बनाई जाती हैं. आप लोगों को उनका काम करने से क्यों रोक रहे हैं?"

ममता ने आरोप लगाया कि मुख्य सड़क पर अलग से काली पूजा की अनुमति दी गई है, जिससे उनके आवास तक पहुंचने का रास्ता बाधित हो गया है. इससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी हो रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके आवास के प्रवेश द्वार पर कभी पूजा नहीं हुई और पूजा हमेशा परिसर के भीतर ही आयोजित की जाती रही है.

पुलिस पर पक्षपात का आरोप, सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी

ममता बनर्जी ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता एक तरफ 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियां निकाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लोगों को उनके लोकतांत्रिक और धार्मिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोका जा रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने अभिषेक बनर्जी के साथ दुर्व्यवहार किया. ममता ने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्षता से काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. पुलिस की जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा करना और सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ने पर मैं व्यक्तिगत रूप से उच्चतम न्यायालय जाऊंगी और इन मामलों को उठाऊंगी."

अभिषेक ने बताया जान लेने की साजिश

इससे पहले शनिवार को अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार देर रात भाजपा के गुंडों ने उनके कोलकाता स्थित आवास पर हमला किया. उन्होंने दावा किया कि यह उनकी जान लेने की साजिश थी. उनके मुताबिक, हमले से पहले लगातार दो दिनों तक उनके कार्यालय और आवास पर नजर रखी गई थी.

अभिषेक ने कहा कि इस घटना के बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें उनके कई समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए.

बाद में दोपहर में अभिषेक के आवास के बाहर पुलिस और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच भी टकराव हुआ. इसके बाद ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और भाजपा के कथित जाल में नहीं फंसने की अपील की.

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