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बरेली में 40 हिंदू वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से गायब, मुस्लिम BLO सस्पेंड, जानें क्या है पूरा मामला?

Bareilly News: वोट देना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन मतदाता सूची से नाम ही गायब हो जाए तो लोकतंत्र में उसकी भागीदारी पर सवाल खड़े हो जाते हैं. बरेली के मोहम्मदपुर गांव में ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक बीएलओ पर द्वेषवश 40 हिंदू मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटवाने का आरोप लगा है. प्रशासनिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीएम अविनाश सिंह ने आरोपी बीएलओ नफीस अहमद को निलंबित कर दिया है. अब प्रभावित लोगों के दोबारा वोट बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
40 लोगों के नाम सूची से गायब होने पर खुला मामला
गांव के प्रशासक राहुल गंगवार के मुताबिक, उनके परिचित चार लोगों के नए वोट नहीं बन पा रहे थे. करीब तीन महीने पहले उन्होंने इसकी जानकारी बीएलओ नफीस अहमद को दी थी. बीएलओ ने नए मतदाता पहचान पत्र बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज भी ले लिए थे. इसके बावजूद अक्टूबर के पहले सप्ताह तक वोट बनने की कोई जानकारी नहीं मिली.
ऑनलाइन जांच में सामने आया चौंकाने वाला मामला
राहुल गंगवार ने बताया कि जब उन्होंने संबंधित लोगों के वोटर आईडी (EPIC ID) की ऑनलाइन जांच की, तो पता चला कि नए वोट तो नहीं बने, बल्कि उनके परिवार के 40 अन्य लोगों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए थे. आरोप है कि बीएलओ ने कागजात में फर्जीवाड़ा कर इन लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की.
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई, लेकिन शुरुआत में कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई. जांच में सामने आया कि नफीस अहमद ने कथित तौर पर जानबूझकर 40 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए थे.
कंपोजिट विद्यालय में तैनात था आरोपी बीएलओ
जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीएम अविनाश सिंह ने नफीस अहमद को निलंबित कर दिया. नफीस कंपोजिट विद्यालय मोहम्मदपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात था और बीएलओ की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था. मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की ओर से भी आवश्यक पत्राचार किया गया है. वहीं, मतदाता सूची से नाम कटने के कारण प्रभावित हुए लोगों के नए वोट बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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