समाचार · छत्तीसगढ़
नाबालिग ने बच्चे को दिया जन्म, इलाज के दौरान मौत:बच्चा सुरक्षित, यूपी में मजदूरी करने गई थी तो युवक से बना था संबंध
जशपुर जिले के सन्ना निवासी 15 वर्षीय पहाड़ी कोरवा किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया। घर में हुए प्रसव के बाद किशोरी की हालत बिगड़ी तो उसे सन्ना हॉस्पिटल से जशपुर जिला अस्पताल एवं इसके बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, जशपुर जिले के सन्ना ब्लॉक की निवासी विशेष संरक्षित जनजाति की किशोरी 15 वर्ष अन्य लोगों के साथ काम करने के लिए गोरखपुर गई थी। वहां काम करने के दौरान उसका प्रेम संबंध लरिकाकोना निवासी युवक के साथ बन गया था। इस दौरान किशोरी प्रेग्नेंट हो गई। घर में प्रसव, इलाज के दौरान मौत किशोरी के प्रेग्नेंट होने के बाद वह वापस घर लौट आई थी। परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने घर में ही नाबालिग को रखा था। सोमवार को किशोरी ने घर में ही बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे सन्ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल किया। वहां से उसे जशपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जशपुर में भी उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान शुक्रवार को नाबालिग की मौत हो गई। उसके बच्चे ही हालत ठीक है। बच्चे को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। एमसीएच के चिकित्सकों के अनुसार प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से नाबालिग की हालत बिगड़ गई थी। उसका उपचार किया जा रहा था, लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई।