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फिल्में हिट दिखाने के लिए करोड़ों के टिकट खरीद रहे मेकर्स? केसी बोकाड़िया ने खोली इंडस्ट्री की पोल

INT News6 November 2026 at 09:34 pm

K C Bokadia Bollywood Film Industry Claims: किसी फिल्म की रिलीज के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की होती है. फिल्म ने कितने करोड़ कमाए, कितने शो हाउसफुल रहे और कितने दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचे, इन सब पर नजर रहती है. लेकिन फिल्म इंडस्ट्री के अंदर की कहानी कुछ और भी हो सकती है. मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक के.सी. बोकाड़िया (K.C. Bokadia) ने दावा किया है कि आज कुछ निर्माता अपनी फिल्मों को हिट दिखाने के लिए खुद ही करोड़ों रुपये के टिकट खरीद रहे हैं.

थिएटर हाउसफुल, लेकिन अंदर बैठे मिलते हैं गिने-चुने लोग

के.सी. बोकाड़िया ने ANI के पॉडकास्ट 'पॉडकास्ट विद स्मिता प्रकाश' (Podcast with Smita Prakash) में फिल्म इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि कुछ बड़े निर्माता अपनी फिल्मों को हाउसफुल दिखाने और उनकी चर्चा बनाए रखने के लिए खुद ही करीब 5 करोड़ रुपये तक के टिकट खरीद लेते हैं. उनके मुताबिक, ऑनलाइन टिकट बुकिंग में थिएटर भरे हुए दिखाई देते हैं, लेकिन अंदर जाने पर कई बार सिर्फ 5 से 8 दर्शक ही नजर आते हैं.

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ओटीटी पर अच्छी डील पाने के लिए कलेक्शन का दबाव?

बोकाड़िया ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि थिएटर में फिल्म की कमाई के आंकड़े ओटीटी पर मिलने वाली डील को भी प्रभावित करते हैं. ऐसे में निर्माता अपनी फिल्म का कलेक्शन अच्छा दिखाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले दर्शक टिकट पाने के लिए सिफारिश करवाते थे, लेकिन अब निर्माता खुद फोन करके पूछते हैं कि कितने टिकट भेजने हैं.

नए गाने बनाने के बजाय पुराने गानों का सहारा

फिल्मों के संगीत को लेकर भी के.सी. बोकाड़िया ने अपनी बात रखी. उनका कहना है कि आज के फिल्म निर्माता और निर्देशक नए गाने बनाने पर उतना ध्यान नहीं दे रहे, लेकिन करोड़ों के बजट की बातें जरूर करते हैं. उन्होंने अपनी फिल्म 'आज का अर्जुन' के गाने 'गोरी हैं कलाइयां' का उदाहरण दिया. बोकाड़िया ने बताया कि यह गाना इतना पसंद किया गया था कि जोधपुर के सिनेमाघरों में दर्शकों की मांग पर इसे दोबारा चलाया जाता था.

उन्होंने पुराने गानों को नए अंदाज में पेश करने की बढ़ती चलन पर भी नाराजगी जताई. उनका इशारा 'गोरी हैं कलाइयां' से जुड़े रीमिक्स गाने 'चिट्टियां कलाइयां' की ओर था. बोकाड़िया का मानना है कि आज नए और मौलिक गाने बनाने की कोशिश कम होती जा रही है.

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