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पटना से प्रयागराज निकले छोटे सरकार, बनारस में पुलिस ने रोका, महामना को नमन करना चाहते थे अनंत सिंह

Chhote Sarkar : बिहार के मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार उनकी चर्चा पटना से प्रयागराज तक निकले काफिले को लेकर हो रही है. अपने पुराने दोस्त पप्पू सलमान के बेटे के वलीमा समारोह में शामिल होने जा रहे अनंत सिंह को वाराणसी में पुलिस ने शहर में प्रवेश करने से रोक दिया. वह बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन से अनुमति नहीं मिली. इसके बाद उनका काफिला भदोही के रास्ते प्रयागराज के लिए रवाना हो गया. अनंत सिंह की इस यात्रा को ऐसे समय में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, जब हाल ही में उन्हें जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किया गया है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत रद्द करते हुए 4 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है.
दोस्त के बेटे की शादी में शामिल होने जा रहे हैं छोटे सरकार
अनंत सिंह अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के बेटे के वलीमा यानी रिसेप्शन समारोह में शामिल होने के लिए पटना से प्रयागराज जा रहे हैं. पप्पू सलमान और अनंत सिंह की दोस्ती करीब तीन दशक पुरानी बताई जाती है. दोनों के बीच घनिष्ठता की एक बड़ी वजह घोड़ों को पालने और उनकी रेस का साझा शौक रहा है. बताया जा रहा है कि अनंत सिंह की योजना शाम 5 बजे तक प्रयागराज पहुंचने की थी. हालांकि, रास्ते में अलग-अलग जगहों पर समर्थकों की ओर से स्वागत और अभिनंदन किए जाने के कारण उनके काफिले की रफ्तार धीमी हो गई. ऐसे में उनके देर रात तक कार्यक्रम में पहुंचने की संभावना जताई गई.
BHU में महामना को नमन करना चाहते थे अनंत सिंह
पटना से प्रयागराज जाते समय अनंत सिंह का काफिला वाराणसी पहुंचा. यहां उनकी योजना बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बाहर स्थित महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की थी. लेकिन वाराणसी पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश करने और कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी. प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद अनंत सिंह ने टकराव का रास्ता नहीं अपनाया. वह लंका चौराहे के आसपास अपने समर्थकों से मिले बिना ही भदोही के रास्ते प्रयागराज के लिए निकल गए. इस दौरान उनके समर्थक उनका इंतजार करते रह गए.
आरा में JCB से बरसाए गए फूल, बक्सर में पहनाया चांदी का मुकुट
अनंत सिंह की पटना से प्रयागराज तक की यात्रा के दौरान कई जगहों पर समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया. बिहटा, आरा, बक्सर, मोहनिया और चंदौली समेत कई स्थानों पर उनके काफिले का अभिनंदन किया गया. आरा में समर्थकों ने जेसीबी के जरिए उनके काफिले पर फूलों की बारिश की. इस दौरान 'छोटे सरकार जिंदाबाद' के नारे भी लगाए गए. वहीं, बक्सर में समर्थकों ने उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया. जगह-जगह हुए इस स्वागत को अनंत सिंह के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. बिहार की राजनीति में हालिया घटनाक्रम के बीच उनकी इस यात्रा ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है.
जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित, विधायकी पर भी संकट
अनंत सिंह के लिए पिछले कुछ दिन राजनीतिक लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनुशासनहीनता समेत अन्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इसके साथ ही पार्टी की ओर से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग भी की गई है. इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अनंत सिंह को सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का नोटिस भेजा गया है. हालांकि, अनंत सिंह ने कहा है कि वह अपनी बेटी की शादी के अनुष्ठान पूरे होने के बाद ही इस नोटिस का जवाब देंगे.
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की जमानत, 4 दिसंबर तक सरेंडर का आदेश
राजनीतिक मुश्किलों के बीच अनंत सिंह की कानूनी परेशानियां भी बढ़ गई हैं. दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी है. साथ ही अदालत ने उन्हें 4 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है. हालांकि, उनकी बेटी की 25 नवंबर को होने वाली शादी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उन्हें एक महीने की मोहलत दी है. ऐसे में अनंत सिंह के सामने राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर चुनौतियां हैं. फिलहाल वह दोस्त के बेटे के वलीमा समारोह में शामिल होने के लिए प्रयागराज जा रहे हैं. वाराणसी में महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण की उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी, लेकिन रास्ते में समर्थकों के स्वागत और काफिले को लेकर उनकी यात्रा चर्चा में बनी हुई है.
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