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चंडीगढ़ में कल भी IDBI बैंक में कामकाज रहेगा ठप:निजीकरण के विरोध में दूसरे दिन भी हड़ताल; केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का भी समर्थन
चंडीगढ़ में IDBI बैंक के ग्राहकों को लगातार दूसरे दिन बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ेगी। बैंक के निजीकरण के विरोध में अधिकारियों और कर्मचारियों की 2 दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी। सोमवार को चंडीगढ़ में बैंक कर्मचारियों ने कामकाज बंद रखकर धरना दिया और एक दिवसीय भूख हड़ताल की। इसके चलते बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा। मंगलवार को भी हड़ताल के कारण ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। प्रबंधन की कोशिशों के बावजूद हड़ताल में शामिल हुए कर्मचारी कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि हड़ताल को विफल करने के लिए प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया। कुछ शाखाओं में कार्यकारी अधिकारियों, आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के जरिए बैंकिंग सेवाएं जारी रखने की कोशिश भी की गई। इसके बावजूद चंडीगढ़ और आसपास की शाखाओं से बड़ी संख्या में नियमित अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को कई ग्राहकों का नैतिक समर्थन भी मिला। सरकार से 51% से ज्यादा हिस्सेदारी रखने की मांग कर्मचारी संगठनों की मांग है कि IDBI बैंक को निजी हाथों में सौंपने की प्रस्तावित बिक्री प्रक्रिया तुरंत रद्द की जाए। इसके साथ ही केंद्र सरकार बैंक में 6 प्रतिशत अतिरिक्त इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करे, ताकि सरकारी हिस्सेदारी बढ़कर 51 प्रतिशत से अधिक हो जाए और बैंक का सार्वजनिक क्षेत्र का स्वरूप बना रहे। देशभर में 8 लाख बैंक कर्मचारियों ने दिया समर्थन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर सार्वजनिक क्षेत्र और पुरानी पीढ़ी के निजी बैंकों के करीब 8 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों ने काले बैज लगाकर IDBI बैंक के आंदोलन का समर्थन किया। देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है। UFBU के संयोजक देविदास तुलजापुरकर और संयुक्त संयोजक सौरव कुमार ने कहा कि बैंक निजीकरण के फैसले और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में मंगलवार को भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल जारी रहेगी।