Monday, 2 November 2026
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पेंच में तीन दिन तक प्रकृति को जानेंगे 288 बच्चे:55 जिलों के विद्यार्थी मोगली महोत्सव में जंगल सफारी और प्रतियोगिताओं में लेंगे हिस्सा

INT News2 November 2026 at 03:52 pm

सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में सोमवार, 2 नवंबर से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मोगली बाल उत्सव शुरू हुआ। इसमें मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों से करीब 288 विद्यार्थी और मार्गदर्शी शिक्षक शामिल हो रहे हैं। 4 नवंबर तक चलने वाले महोत्सव में बच्चे जंगल सफारी, प्रश्नोत्तरी और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए प्रकृति, वन्यजीवन और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानेंगे। जंगल सफारी के साथ हुआ महोत्सव का आगाज महोत्सव में प्रत्येक जिले से कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के एक-एक बालक और बालिका के साथ मार्गदर्शी शिक्षक शामिल हुए हैं। सभी प्रतिभागियों को कुरई विकासखंड के ग्राम टुरिया स्थित मोगली लैंड में प्राकृतिक वातावरण के बीच रहने और सीखने का मौका मिल रहा है। सोमवार सुबह 5 बजे अतिथियों ने जंगल सफारी के लिए हरी झंडी दिखाकर उत्सव की शुरुआत की। इस दौरान बच्चे जंगल की जैव विविधता, वन्यप्राणियों और प्राकृतिक परिवेश को करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए। सांवरिया लॉन में किया गया स्वागत महोत्सव में शामिल होने पहुंचे प्रतिभागियों का नागपुर रोड स्थित सांवरिया लॉन में स्वागत किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अविनाश दीक्षित, तहसीलदार कुरई, सहायक संचालक एसएस कुमरे, आरआर मेहता, एपीसी संयुक्ता उईके, संजीव राय और मार्गदर्शी शिक्षक पूजा पांडे व रवि कटरे मौजूद रहे। तहसीलदार ने बच्चों से कहा कि मोगली लैंड में तीन दिन बिताना उनके लिए यादगार अनुभव होगा। उन्होंने सभी गतिविधियों में उत्साह से भाग लेने और अच्छी यादें लेकर लौटने के लिए प्रेरित किया। सफारी, प्रश्नोत्तरी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे सहायक संचालक एसएस कुमरे ने बताया कि महोत्सव में जंगल सफारी, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित कई गतिविधियां होंगी। विद्यार्थियों को तीन समूहों में बांटकर अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में बच्चों को वन्यजीवन, वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनजीवन की जानकारी दी जाएगी। सिवनी जिले के 18 प्रतिभागी भी शामिल आयोजक जिले सिवनी की ओर से भी 18 प्रतिभागी महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के चार-चार बालक और चार-चार बालिकाएं शामिल हैं। इनके साथ दो मार्गदर्शी शिक्षिकाएं भी आई हैं। जिला शिक्षा विभाग ने प्रतिभागियों के ठहरने, भोजन, परिवहन और सुरक्षा की व्यवस्था की है। महोत्सव का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर प्रकृति से जोड़ना और जंगल व वन्यप्राणियों के प्रति उनमें संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना विकसित करना है।