Monday, 2 November 2026
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फरीदकोट में पराली जलाने वाले 6 किसानों पर केस:पराली प्रबंधन को लेकर एक्शन में आया प्रशासन, पुलिस की टीमें गांव-गांव जाकर जागरूक भी कर रही है

INT News2 November 2026 at 03:43 pm

पर्यावरण सुरक्षा और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से फरीदकोट जिला पुलिस एवं सिविल प्रशासन ने पराली (धान के अवशेष) जलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। जहां एक ओर पुलिस किसानों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक कर रही है, वहीं नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला पुलिस ने खेतों में पराली जलाने के आरोप में 6 किसानों के खिलाफ विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए हैं। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, पराली की घटनाओं को रोकने के लिए पिछले एक महीने से लगातार बैठकें आयोजित की जा रही थीं और गांव स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई थी। नोडल अधिकारियों द्वारा खेतों की निगरानी के दौरान दी गई शिकायतों के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इन किसानों पर दर्ज हुए मामले: थाना सदर फरीदकोट: गांव पहलूवाला के बूटा सिंह, गांव झोटीवाला के करतार सिंह, गांव हरदयालेआना के नत्था सिंह और गांव नत्थलवाला के अमोलक सिंह के खिलाफ केस दर्ज। थाना सादिक: गांव ढाब शेर सिंह वाला के सबदिल सिंह पर कार्रवाई। थाना सदर कोटकपूरा: गांव फिड्डे कलां के जगजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज। आधा दर्जन से अधिक गांवों में चला जागरूकता अभियान कार्रवाई के साथ-साथ एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों पर पुलिस टीमों ने गांव रोमाणा अजीत सिंह, पक्का, अराइयांवाला, पिपली, बरगाड़ी, मत्ता, मौड़ और डोड सहित कई गांवों का दौरा किया। वहां किसानों और ग्रामीणों के साथ बैठकें कर उन्हें पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया गया। एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने कहा कि पराली से निकलने वाला जहरीला धुआं हवा को प्रदूषित करने के साथ-साथ आम जनमानस के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता है। इसके अलावा आग लगाने से खेत की मिट्टी की उपजाऊ क्षमता घटती है और मित्र कीट व सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली का प्रबंधन आधुनिक तकनीकों से करें।