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UP के अग्निवीरों को 2 साल और सेना में सेवा का मौका: सैलरी बढ़कर 47,500, जानें कितना मिलेगा सेवा निधि पैकेज

UP News: उत्तर प्रदेश के सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले युवाओं और वर्तमान अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर है. केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव करते हुए चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देने का फैसला किया है. इस दौरान उनकी मासिक सैलरी भी बढ़ेगी. पांचवें साल में 43,500 रुपये और छठे साल में 47,500 रुपये का वेतन पैकेज मिलेगा. इसके अलावा सेवा निधि पैकेज में भी बढ़ोतरी की गई है. खास बात यह है कि अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर भी मिलेगा.
पांचवें साल ₹43,500, छठे साल ₹47,500 मिलेगी सैलरी
नई व्यवस्था में अग्निवीरों को पहले चार साल की सेवा के बाद दो साल का दूसरा सेवा अवसर मिलेगा. इस दौरान मिलने वाला मासिक वेतन पैकेज इस प्रकार है.
नोट: ये मासिक वेतन पैकेज हैं. लागू भत्ते अलग से मिलेंगे और वास्तविक हाथ में मिलने वाली राशि कटौतियों पर निर्भर करेगी.
सेवा निधि पैकेज में कितना पैसा मिलेगा?
दो साल के अतिरिक्त सेवा कार्यकाल के लिए सेवा निधि में अग्निवीर और सरकार दोनों का योगदान होगा.
अग्निवीर का योगदान: 3.28 लाख रुपये.
सरकार का योगदान: 7.64 लाख रुपये.
कुल योगदान: 10.92 लाख रुपये.
इस राशि पर लागू ब्याज और योजना की शर्तों के अनुसार अंतिम भुगतान निर्धारित होगा.
यूपी के युवाओं के लिए क्या है इसका मतलब?
उत्तर प्रदेश के बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, जौनपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होने की तैयारी करते हैं. नई व्यवस्था का लाभ पात्र अग्निवीरों को पूरे देश में मिलेगा. इससे यूपी के उन युवाओं को भी अतिरिक्त दो साल सेना में सेवा करने का अवसर मिलेगा, जो पहले चार साल की सेवा पूरी करेंगे.
क्या छह साल बाद पक्की नौकरी मिलेगी?
सरकार के नए फैसले के मुताबिक, पहले की तरह मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल बाद नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा. शेष 75 प्रतिशत को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा. इसके बाद नियमित सैनिक बनने के लिए इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानकों को पूरा करना होगा. यह नौकरी अपने आप पक्की होने की गारंटी नहीं है.
4 नवंबर को कैबिनेट ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार की ओर से 4 नवंबर 2026 को इस बदलाव को मंजूरी दी गई. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का मूल्यांकन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है. इसका उद्देश्य प्रशिक्षित जवानों के अनुभव का बेहतर इस्तेमाल करना और उन्हें नियमित सैन्य सेवा का अतिरिक्त अवसर देना है.
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