Sunday, 8 November 2026
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UP Panchayat Election: यूपी पंचायत चुनाव से पहले गांवों में शुरू होगी वोटरों की छंटनी, 12 नवंबर से चलेगा विशेष अभियान, 81 लाख मतदाताओं के अंतर ने बढ़ाई हलचल

INT News7 November 2026 at 10:06 pm

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच गांवों की राजनीति से जुड़ा एक अहम सवाल सामने आ रहा है. आखिर पंचायत चुनाव में किस वोटर लिस्ट के आधार पर मतदान होगा और जिन लोगों के नाम विधानसभा की मतदाता सूची में हैं, लेकिन पंचायत की सूची में नहीं हैं, उनका क्या होगा? इसी बीच 12 नवंबर से प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है. चुनाव आयोग की नजर अब उन पात्र मतदाताओं पर भी है, जिनके नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं. इस पूरे घटनाक्रम को पंचायत चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट पहले ही प्रदेश में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दे चुका है. ऐसे में मतदाता सूची, आरक्षण और चुनाव कार्यक्रम को लेकर आने वाले दिनों में हलचल तेज होने की संभावना है.

पंचायत और विधानसभा की वोटर लिस्ट में लाखों का अंतर

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के आंकड़े एक दिलचस्प तस्वीर पेश कर रहे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग की जून 2026 में प्रकाशित अंतिम पंचायत मतदाता सूची में करीब 12.58 करोड़ मतदाता दर्ज थे. वहीं, विधानसभा की एसआईआर प्रक्रिया के बाद अप्रैल में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में करीब 13.39 करोड़ मतदाता थे. दोनों सूचियों के आंकड़ों में लगभग 81 लाख का अंतर है. हालांकि, दोनों सूचियों का उद्देश्य और दायरा अलग है, इसलिए इस अंतर को सीधे छूटे हुए पंचायत मतदाताओं की संख्या नहीं माना जा सकता.

12 नवंबर से शुरू होगा विशेष अभियान, राशन कार्ड धारकों तक पहुंचेगा प्रशासन

निर्वाचन आयोग 12 नवंबर से उत्तर प्रदेश में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान शुरू करने जा रहा है. इस दौरान पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इस अभियान की खास बात यह है कि प्रशासन राशन की दुकानों पर उपलब्ध लाभार्थियों की सूची से भी मतदाता सूची का मिलान करेगा. जिन पात्र लोगों की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है और उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें फॉर्म-6 भरकर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. महिलाओं, युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

हाईकोर्ट ने तीन महीने में चुनाव कराने का दिया है आदेश

पंचायत चुनाव को लेकर सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम 14 अक्टूबर 2026 को सामने आया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि चुनाव प्रक्रिया मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत पूरी की जाए. इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण भी शामिल है. पिछड़ा वर्ग आयोग की जांच लंबित होने के आधार पर चुनाव प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता.

जनवरी 2027 तक पूरी करनी होगी चुनाव प्रक्रिया

हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर के आदेश के अनुसार तीन महीने की समयसीमा जनवरी 2027 के मध्य तक पूरी होती है. इसका मतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के सामने अब चुनावी तैयारियां पूरी करने की समयसीमा तय है. चुनाव के लिए मतदाता सूची, आरक्षण, कर्मचारियों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों की तैयारी जैसे काम महत्वपूर्ण होंगे. हालांकि, अभी मतदान की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है.

4 जनवरी को आएगी विधानसभा की अंतिम मतदाता सूची

12 नवंबर से शुरू होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान का कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण है.

यह कार्यक्रम विधानसभा की मतदाता सूची के लिए है. इसे पंचायत मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख नहीं समझना चाहिए.

निवर्तमान प्रधानों को लेकर भी हाईकोर्ट का अहम फैसला

पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था को रद्द करने की मांग स्वीकार नहीं की. इससे नई निर्वाचित पंचायतों के गठन तक प्रशासनिक व्यवस्था जारी रहने का रास्ता बना हुआ है. हालांकि, प्रशासकों का कार्यकाल कानून में निर्धारित सीमाओं के अधीन रहेगा.

बलिया समेत यूपी के गांवों में चुनावी हलचल तेज होने के आसार

पंचायत चुनाव की तैयारियों का असर बलिया, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, गोरखपुर, आजमगढ़ समेत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित दावेदार चुनावी समीकरण बनाने में जुट सकते हैं. गांवों में मतदाता सूची, आरक्षण और सीटों की स्थिति पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी. खासकर उन लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा, जो पहली बार पंचायत चुनाव में मतदान करना चाहते हैं या मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यूपी में पंचायत चुनाव जनवरी 2027 की समयसीमा के भीतर संपन्न हो पाएंगे? इसका जवाब आने वाले दिनों में निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम और सरकार की तैयारियों से साफ होगा.

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