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प्रयागराज के MNNIT ने बनाया स्मार्ट मेडिसिन कंटेनर, दवा लेना भूले तो परिवार के मोबाइल पर पहुंचेगा अलर्ट

Prayagraj MNNIT News: प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT) के शोधकर्ताओं ने दवा लेने में होने वाली भूल को रोकने के लिए एक खास उपकरण विकसित किया है. इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक पर आधारित यह स्मार्ट मेडिसिन कंटेनर मरीज को समय पर दवा लेने की याद दिलाएगा. यदि मरीज निर्धारित समय पर दवा नहीं लेता है, तो उसके परिवार या देखभाल करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर संदेश पहुंच जाएगा. इस तकनीक से बुजुर्गों और नियमित दवाएं लेने वाले मरीजों की देखभाल आसान हो सकेगी.
पांच साल की मेहनत के बाद मिला पेटेंट
इस स्मार्ट मेडिसिन कंटेनर को MNNIT के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर बसंत कुमार और शोधार्थी सौरभ सिन्हा ने मिलकर तैयार किया है. इस उपकरण को विकसित करने में लगभग पांच साल का समय लगा. पिछले महीने इसे भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पेटेंट भी मिल गया. डिवाइस में अलार्म, एलईडी लाइट और स्मार्ट अलर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसका उद्देश्य मरीजों को समय पर दवा लेने में मदद करना और उनकी दवा संबंधी दिनचर्या को अधिक व्यवस्थित बनाना है.
अलार्म बजेगा, संबंधित खाने में जलेगी लाइट
स्मार्ट मेडिसिन कंटेनर का इस्तेमाल करना आसान रखा गया है. मरीज को डॉक्टर की पर्ची के अनुसार दवाइयां इसके अलग-अलग खानों में रखनी होंगी. इसके बाद मोबाइल एप के माध्यम से दवा और उसे लेने का समय दर्ज करना होगा. निर्धारित समय आने पर उपकरण अलार्म बजाएगा और संबंधित खाने में लगी एलईडी लाइट जल उठेगी. इससे मरीज पहचान सकेगा कि उसे कौन सी दवा लेनी है. यह व्यवस्था खासतौर पर उन बुजुर्गों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें कई दवाएं नियमित रूप से लेनी पड़ती हैं.
दवा नहीं लेने पर परिजनों को मिलेगा संदेश
इस उपकरण की सबसे बड़ी खासियत इसकी निगरानी प्रणाली है. यदि दो बार अलार्म बजने के बाद भी मरीज कंटेनर खोलकर दवा नहीं निकालता है, तो डिवाइस देखभाल करने वाले व्यक्ति या परिवार के सदस्य के मोबाइल पर संदेश भेज देगी. इससे परिजनों को पता चल सकेगा कि मरीज ने निर्धारित समय पर दवा ली है या नहीं. अकेले रहने वाले बुजुर्गों और नियमित उपचार करा रहे लोगों के लिए यह सुविधा मददगार साबित हो सकती है. इससे परिवार के सदस्य दूर रहकर भी मरीज की दवा संबंधी दिनचर्या पर नजर रख सकेंगे.
अस्पताल में बुजुर्ग मरीज को देखकर आया विचार
इस तकनीक को विकसित करने का विचार वर्ष 2020 में आया था. प्रोफेसर बसंत कुमार ने अस्पताल की ओपीडी में एक बुजुर्ग मरीज को कई दवाइयों के डिब्बों के साथ बैठे देखा था. मरीज को समझने में परेशानी हो रही थी कि कौन सी दवा किस समय लेनी है. इसी घटना ने एक ऐसे उपकरण की जरूरत महसूस कराई, जो दवा लेने की प्रक्रिया आसान बना सके. इसके बाद शोध शुरू हुआ, मोबाइल एप तैयार किया गया और संस्थान के थ्रीडी प्रिंटर की मदद से डिवाइस का प्रारंभिक नमूना बनाया गया.
ब्लूटूथ से जुड़ेगा मोबाइल, दवा खत्म होने पर भी अलर्ट
स्मार्ट मेडिसिन कंटेनर ब्लूटूथ की मदद से मोबाइल फोन से जुड़ता है. इसमें दवा लेने की याद दिलाने के साथ स्टॉक पर नजर रखने की सुविधा भी दी गई है. दवा खत्म होने से पहले यह नया स्टॉक भरने के लिए अलर्ट दे सकता है. फिलहाल उपकरण में आठ अलग-अलग खाने बनाए गए हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार जरूरत के मुताबिक इसमें अतिरिक्त खाने भी जोड़े जा सकते हैं. प्रत्येक खाने में मोशन सेंसर लगाए गए हैं, जो दवा निकालने की गतिविधि का पता लगाने में मदद करते हैं.
अगले तीन से चार महीनों में बाजार में लाने की तैयारी
MNNIT के शोधकर्ता अब इस तकनीक को प्रयोगशाला से बाजार तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं. उनकी योजना अगले तीन से चार महीनों में स्मार्ट मेडिसिन कंटेनर का व्यावसायीकरण शुरू करने की है. इसके लिए संस्थान के इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब और MNNIT फाउंडेशन की मदद से स्टार्टअप विकसित करने पर काम किया जाएगा. इस प्रक्रिया में उपकरण को व्यावसायिक उत्पादन के योग्य बनाने और बाजार की जरूरतों के अनुसार बेहतर करने पर ध्यान दिया जाएगा. योजना सफल होने पर यह तकनीक आम लोगों के लिए उपलब्ध हो सकेगी.
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