समाचार · मध्य प्रदेश
आलीराजपुर में 52% कम बारिश, सूखने लगी फसलें:मक्का, सोयाबीन-मूंगफली पर संकट; रबी सीजन में भी पानी की कमी की आशंका
आलीराजपुर जिले में बारिश की लंबी खेंच ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। महंगे खाद-बीज, जुताई और मजदूरी पर खर्च कर बोई गई मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, उड़द और कपास की फसलें पानी की कमी से प्रभावित हो रही हैं। खेतों में नमी लगातार घटने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों को अब खेती की लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है। सामान्य से 51-52% कम बारिश जिले में सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 51 से 52 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी कम हो रही है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द बारिश होगी, जिससे फसलों को राहत मिल सकेगी। खाद-बीज पर खर्च, अब उत्पादन की चिंता किसानों ने खरीफ सीजन में अच्छी पैदावार की उम्मीद से खेत तैयार किए और खाद-बीज सहित अन्य कृषि सामग्री पर खर्च किया। लेकिन बारिश की कमी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, उड़द और कपास की फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिलने से उत्पादन घटने का खतरा है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। रबी सीजन की तैयारी पर भी असर बारिश की कमी का असर तालाबों, कुओं और जलाशयों में पानी की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है। इससे आगामी रबी सीजन में गेहूं और चने की बोवनी के साथ सिंचाई की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खरीफ फसलों के बाद अब किसानों को रबी सीजन की चिंता सताने लगी है। सर्वे कर नुकसान का आकलन करने की मांग बारिश नहीं होने से किसान आसमान की ओर देख रहे हैं। यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो खरीफ उत्पादन के साथ रबी सीजन भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए फसलों की स्थिति का सर्वे कराकर संभावित नुकसान का आकलन करने की जरूरत है।