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बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के खिलाफ जन सुराज ने खोला मोर्चा, सभापति को पेन ड्राइव सौंपी

Bihar MLC Membership Row : बिहार विधान परिषद के सभापति रामवचन राय के सामने सोमवार को दो निर्दलीय विधान पार्षदों का मामला पहुंचा. जन सुराज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के खिलाफ शिकायत की और उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग रखी.
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत के साथ पेन ड्राइव और कई अन्य सबूत भी सौंपे. जन सुराज का आरोप है कि दोनों निर्दलीय MLC ने चुनाव जीतने के बाद बीजेपी की सदस्यता ले ली है. वहीं, सभापति ने कहा कि कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद नियमों के मुताबिक फैसला लिया जाएगा.
बीजेपी में शामिल होने को लेकर क्यों उठा विवाद?
बिहार विधान परिषद चुनाव में जीत के बाद बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को लेकर यह चर्चा शुरू हुई कि दोनों बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इसके बाद उनकी सदस्यता पर सवाल उठने लगे.
विवाद के बीच दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों की ओर से सफाई दी गई थी कि उन्होंने बीजेपी की सदस्यता नहीं ली है, बल्कि पार्टी को समर्थन देने की बात कही है. इस पूरे मामले पर राजद भी बीजेपी को घेर रही है.
जन सुराज ने सभापति से की सदस्यता खत्म करने की मांग
जन सुराज ने दोनों सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग पहले भी उठाई थी. पार्टी का कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेना संविधान के नियमों के खिलाफ है.
पार्टी ने इस मामले में विधान परिषद के सभापति के सामने याचिका देने और जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट जाने की बात कही थी. सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने सभापति से मुलाकात कर अपनी शिकायत और सबूत सौंपे.
जन सुराज ने संविधान की दसवीं अनुसूची का दिया हवाला
जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने रविवार को आरोप लगाया था कि बीजेपी धनबल, सत्ता बल और प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावी जनादेश को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा था कि 27 अक्टूबर को बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक सीटों के नतीजे आए थे. चुनाव में बीजेपी को दो, निर्दलीय उम्मीदवारों को दो, राजद को दो, जदयू को एक और जन सुराज को एक सीट मिली थी.
सौरभ के मुताबिक, नतीजे आने के 72 घंटे के भीतर दो निर्दलीय निर्वाचित सदस्यों को बीजेपी में शामिल करा लिया गया. उन्होंने सारण शिक्षक सीट से जीते राहुल राज और तिरहुत स्नातक सीट से जीते बंशीधर ब्रजवासी के बीजेपी की सदस्यता लेने का आरोप लगाया था.
उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची और अनुच्छेद 102(2) तथा 192(2) का हवाला देते हुए कहा था कि निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने पर विधान परिषद की सदस्यता जा सकती है.
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कानूनी विशेषज्ञों की सलाह के बाद होगा फैसला
शिकायत मिलने के बाद सभापति रामवचन राय ने कहा है कि वह कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेंगे. इसके बाद नियमों और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. अब आगे की कार्रवाई सभापति की कानूनी सलाह और निर्णय पर निर्भर करेगी.
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