Saturday, 7 November 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · बिहार

Watch Video: "घायल को सड़क किनारे फेंक जैकेट से ढका"! भागलपुर में शराबी डॉक्टर की कार से छात्र की मौत पर गंभीर आरोप

INT News7 November 2026 at 09:11 pm

भागलपुर. एमबीबीएस छात्र रुपेश सोनी की सड़क हादसे में मौत के बाद जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में शनिवार को जूनियर डॉक्टरों का आक्रोश फूट पड़ा. विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा ठप कर दी और अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की. डॉक्टरों ने हादसे के जिम्मेदार पीजी छात्रों पर सख्त कार्रवाई, मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता और अस्पताल की इलाज व्यवस्था में सुधार की मांग की. इस दौरान अस्पताल के न्यूरो विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए.

रुपेश की मौत के बाद क्यों भड़का जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा?

जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि जेएलएनएमसीएच का न्यूरो विभाग प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है. उनका कहना था कि रुपेश को यदि समय पर विशेषज्ञों की देखरेख में समुचित इलाज मिल जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी. डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के अपने ही एक छात्र को बेहतर और समय पर उपचार नहीं मिल सका. प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने सवाल उठाया कि जब मेडिकल कॉलेज के छात्र को ही बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है, तो अस्पताल में आने वाले आम मरीजों की स्थिति क्या होती होगी. उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार और मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने की मांग की.

स्थापना दिवस समारोह से लौटते समय हुआ था दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात जेएलएनएमसीएच के स्थापना दिवस समारोह के समापन के बाद छात्र अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान तिलकामांझी चौक के पास एक कार ने स्कूटी सवार एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र रुपेश सोनी को टक्कर मार दी. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घायल रुपेश को मायागंज अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया था. हालांकि, शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. बताया गया कि घटना के समय कार पीजी छात्र डॉ. गौरव कुमार चला रहे थे. रुपेश की मौत की खबर मिलने के बाद से मेडिकल कॉलेज के छात्रों में गहरा आक्रोश है.

घायल को सड़क किनारे छोड़ने का भी लगाया आरोप

जूनियर डॉक्टरों ने हादसे के बाद कार सवार लोगों के व्यवहार पर भी गंभीर सवाल उठाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि टक्कर मारने के बाद आरोपित सीनियरों ने घायल रुपेश को सड़क किनारे कर दिया और उनके चेहरे को जैकेट से ढक दिया. डॉक्टरों का कहना था कि कार में सवार पांचों लोग डॉक्टर थे. ऐसे में उन्हें मानवीय संवेदना दिखाते हुए घायल छात्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए था. यदि समय रहते उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता, तो संभव है कि उसकी जान बच सकती थी. हालांकि, ये सभी आरोप प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों की ओर से लगाए गए हैं.

कार सवार सभी लोगों की गिरफ्तारी की मांग

जूनियर डॉक्टरों ने कार में सवार सभी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की. उनका कहना था कि यदि कार चला रहे डॉ. गौरव कुमार नशे में थे, तो वाहन में मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें गाड़ी चलाने से क्यों नहीं रोका. प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में सभी की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की. रुपेश सोनी की मौत के बाद उठे इस विरोध ने जेएलएनएमसीएच की इलाज व्यवस्था और सड़क हादसे की जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ओपीडी सेवा ठप होने से अस्पताल आने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.