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SIR Voter List: वोटर लिस्ट से कट गया है नाम! दिल्ली-झारखंड समेत 7 राज्यों के वोटर्स को मिलेगा एक और मौका

SIR Voter List: वोटर लिस्ट से नाम कटने झारखंडवाले मतदाताओं के लिए राहत की खबर है. चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASDD- Absent, Shifted, Dead और Duplicate) बताकर ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर किए गए पात्र लोगों को अपना नाम दोबारा जुड़वाने का मौका मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के करीब एक सप्ताह बाद आयोग ने यह फैसला लिया है.
SIR के दौरान इस श्रेणी में दर्ज किए गए कुछ लोगों के नाम प्रारूप मतदाता सूची से बाहर रह गए थे. आयोग ने अब ऐसे पात्र नागरिकों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और दोबारा गणना प्रपत्र जमा करने की अनुमति दी है. विशेष रूप से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी, जिन्हें गलती से इस श्रेणी में दर्ज कर दिया गया था.
किन सात राज्यों के मतदाताओं को मिलेगी राहत?
चुनाव आयोग के नए निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड में लागू होंगे. इन क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिन्हें गणना प्रपत्र जारी किया गया था, लेकिन फॉर्म वापस नहीं मिलने के कारण उनका नाम ड्राफ्ट सूची में दर्ज नहीं हो सका. अधिकारियों को संबंधित लोगों तक पहुंचने और उन्हें आवेदन की प्रक्रिया समझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
मतदान केंद्रों और पंचायत भवनों में दोबारा लगेगी सूची
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि ASDD श्रेणी में शामिल संबंधित मतदाताओं की बूथवार सूची एक बार फिर सार्वजनिक की जाए. यह सूची मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी. संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर भी इसे पढ़ने योग्य PDF के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा. सूची में नाम शामिल नहीं होने के संभावित कारण भी बताए जाएंगे, ताकि मतदाता अपनी स्थिति समझ सकें.
घर बैठे ऑनलाइन कैसे भर सकेंगे फॉर्म?
आयोग ने आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई है. मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या ECINET ऐप के माध्यम से अपना गणना प्रपत्र डाउनलोड कर भर सकेंगे. इसके लिए पहले से जारी मतदाता पहचान पत्र का EPIC नंबर इस्तेमाल किया जा सकेगा. संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के डैशबोर्ड पर आंशिक रूप से भरे हुए फॉर्म भी तैयार किए जाएंगे.
पुराने पते पर रहने वालों को कौन सा फॉर्म जमा करना होगा?
जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची से हट गया है, लेकिन वे पहले वाले पते पर ही रहते हैं, उन्हें भरा हुआ गणना प्रपत्र यानी nnexure-A जमा करना होगा. इसके साथ Annexure-B में यह बताना होगा कि पिछली बार फॉर्म क्यों जमा नहीं हो पाया था. आवेदन संबंधित ERO, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) या बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को दिया जा सकता है. मतदाता स्वयं या परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से फॉर्म जमा कर सकते हैं. ECINET पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के जरिए ऑनलाइन आवेदन का विकल्प भी रहेगा.
घर बदलने वाले मतदाताओं के लिए क्या नियम हैं?
जिन लोगों ने राज्य के भीतर अपना निवास स्थान बदला है, उनके लिए अलग व्यवस्था की गई है. ऐसे मतदाताओं को गणना प्रपत्र के साथ Annexure-C जमा करना होगा. इसमें नया पता, विधानसभा क्षेत्र और निवास संबंधी आवश्यक जानकारी देनी होगी. पते के प्रमाण के लिए मान्य दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा. इस विशेष प्रक्रिया में Form-8 भरने की आवश्यकता नहीं होगी. संबंधित मतदाता नए विधानसभा क्षेत्र के ERO, AERO या BLO के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे.
बिना स्थायी पते वाले लोग कैसे जुड़वा सकेंगे नाम?
चुनाव आयोग ने बेघर और नियमित निवास प्रमाण उपलब्ध नहीं करा पाने वाले पात्र नागरिकों के लिए भी विशेष प्रावधान किया है. ऐसे लोगों के मामले में BLO मौके पर जाकर निवास संबंधी जांच करेंगे. उनकी फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट को निवास की पुष्टि के लिए स्वीकार किया जा सकेगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य दस्तावेजों की कमी के कारण पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने से वंचित होने से बचाना है.
BLO खुद करेंगे मतदाताओं से संपर्क
निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों को राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ समन्वय करके संबंधित मतदाताओं तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए घर-घर जाकर संपर्क करने, पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से जानकारी लेने तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की मदद लेने का प्रावधान है. मतदाता आधिकारिक वेबसाइट और ECINET ऐप पर उपलब्ध 'Book a Call with BLO' सुविधा के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे.
पहले से Form-6 भर चुके लोगों को क्या करना होगा?
जिन मतदाताओं ने SIR के दौरान नए पंजीकरण के लिए Form-6 पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा गणना प्रपत्र और संबंधित विवरण देने की जरूरत नहीं होगी. उनके आवेदन पर चुनाव आयोग के 3 नवंबर 2026 के स्पष्टीकरण के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. इससे एक ही व्यक्ति की ओर से अनावश्यक रूप से कई आवेदन जमा होने से बचा जा सकेगा.(एजेंसी इनपुट)
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