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छठ पूजा 2026: तैयार हो रहे दीघा के 4 घाट, 20 से अधिक चेंजिंग रूम-10 वॉच टावर बनेंगे, खर्च होंगे 60 लाख

Digha Chhath Ghat : पटना के दीघा इलाके में छठ पूजा को लेकर चार प्रमुख घाटों को तैयार किया जा रहा है. इनमें शिवा घाट, दीघा पाटीपुल घाट, मीनार घाट और जनार्दन घाट शामिल हैं. व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन घाटों पर 20 से अधिक अस्थायी चेंजिंग रूम, यात्री शेड और नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे हैं. सुरक्षा निगरानी के लिए 10 से अधिक वॉच टावर भी तैयार किए जा रहे हैं.
जलस्तर की जांच के बाद होगी बैरिकेडिंग
नगर निगम के अभियंता के अनुसार, जल संसाधन विभाग सोमवार को सभी घाटों पर गंगा के जलस्तर की जांच करेगा. इसके बाद जांच रिपोर्ट और कटाव की स्थिति को देखते हुए लाल कपड़े से बैरिकेडिंग की जाएगी. पानी के भीतर भी दो लेयर में सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा. घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कुल 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
पाटीपुल घाट पर दलदल, सैंड बैग से सुधार की तैयारी
दीघा पाटीपुल घाट पर गंगा का पानी दूर जाने के कारण मिट्टी गीली हो गई है और कुछ हिस्सों में दलदल जैसी स्थिति है. इसे ठीक करने के लिए सैंड बैग डाले जाएंगे. घाट के बाहर शिविर भी बनाया जाएगा. फिलहाल घाट पर पूजन सामग्री बिखरी हुई है. वहीं, शिवा घाट को समतल करने और गंगा की ओर सीढ़ीनुमा व्यवस्था बनाने के लिए सैंड बैग भरे जा रहे हैं. इन घाटों पर दोहरी बैरिकेडिंग की जाएगी.
जनार्दन घाट की सीढ़ियों से हटाई जा रही मिट्टी
जनार्दन घाट को वीआइपी के लिए रखा जाएगा. बाढ़ के कारण यहां की सीढ़ियों पर मिट्टी और गाद जमा हो गई थी, जिसे हटाया जा रहा है. व्रतियों के सीढ़ियों से उतरकर अर्घ्य देने के दौरान फिसलन और अन्य खतरों से बचाने के लिए आसपास सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. दलदल से निपटने के लिए सैंड बैग भी तैयार किए जा रहे हैं.
चारों घाटों की संभावित लंबाई तय
दीघा इलाके में चारों घाटों की संभावित लंबाई अलग-अलग है. शिवा घाट करीब 80 मीटर, दीघा पाटीपुल घाट 90 मीटर, मीनार घाट 30 मीटर और जनार्दन घाट करीब 20 मीटर के दायरे में होगा. इन घाटों को छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और अर्घ्य देने की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है.
अंडरपास से घाट तक पहुंचना होगा आसान
पटना नगर निगम के वार्ड संख्या एक के अंतर्गत आने वाले इन घाटों तक पहुंचने के लिए अंडरपास में नई पीसीसी सड़क बनाई गई है. इससे श्रद्धालु मंदिर से अंडरपास होते हुए करीब 150 मीटर पैदल चलकर सीधे घाट तक पहुंच सकेंगे. घाट के ऊपरी हिस्से में लगभग 500 मीटर क्षेत्र को समतल किया जा रहा है.
मूर्ति विसर्जन के लिए बने कृत्रिम तालाबों में भी बदलाव
घाट क्षेत्र में मूर्ति विसर्जन के लिए दो कृत्रिम तालाब बनाए गए थे. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से एक तालाब को मिट्टी भरकर समतल किया जाएगा. इससे घाट के आसपास की जगह को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी.
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