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खगड़िया: दिल्ली हादसे में बेलदौर के 5 मजदूरों की मौत, 50 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग

दिल्ली के दरियागंज स्थित अजमेरी गेट-चावड़ी बाजार क्षेत्र में गुरुवार को एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत की छत ढलाई के दौरान हुए भीषण हादसे में खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत बोबिल पंचायत के पांच प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. इस भीषण हादसे में अब तक कुल सात श्रमिकों की जान जा चुकी है. हादसे के बाद चलाए गए सघन राहत एवं बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) के तीसरे दिन शनिवार को मलबे के नीचे दबे शेष सभी छह श्रमिकों के शवों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि संजीत राम का शव हादसे के तुरंत बाद ही मलबे से निकाल लिया गया था.
बोबिल पंचायत के हनुमाननगर और बेसीबासा में पसरा मातम
इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की शिनाख्त बोबिल पंचायत के हनुमाननगर निवासी संजीत राम (35), संटुन मुखिया (22), बिपिन राम (40), दिनेश साह (50) तथा बेसीबासा (वार्ड संख्या दो) निवासी पंकज शर्मा (43) के रूप में हुई है.
एक साथ पांच मजदूरों की मौत की मनहूस खबर पहुंचते ही पूरे गांव और पंचायत में चीख-पुकार मच गई. प्रकाश पर्व दीपावली की खुशियां एक झटके में मातम में तब्दील हो गईं. हनुमाननगर और बेसीबासा में पीड़ित परिजनों के विलाप से समूचा माहौल गमगीन हो उठा है, वहीं गांव के चूल्हे तक नहीं जले.
मृतक आश्रितों को 50-50 लाख मुआवजा और नौकरी देने की मांग
हादसे पर गहरा रोष प्रकट करते हुए समाजसेवी सह जदयू नेता ऋषभ कुमार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों से बात कर पीड़ित परिवारों के लिए अविलंब आर्थिक राहत की मांग उठाई है. उन्होंने प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (एलईओ) बेलदौर मनोहर कुमार चौधरी, श्रम अधीक्षक खगड़िया और अनुमंडलाधिकारी (एसडीओ) गोगरी से दूरभाष पर वार्ता कर सरकारी सहायता प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया.
ऋषभ कुमार ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से मांग की है कि मृतक मजदूरों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये का उचित मुआवजा और परिवार के एक आश्रित सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीड़ित परिवारों को न्याय और पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला, तो ग्रामीणों और श्रमिकों के साथ मिलकर चरणबद्ध आंदोलन और सड़क जाम (चक्का जाम) किया जाएगा.
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पहुंचे गांव, परिजनों को बंधाया ढांढस
मलबे से सभी मजदूरों के शव बरामद होने और शिनाख्त की आधिकारिक पुष्टि के बाद प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मनोहर कुमार चौधरी तुरंत हनुमाननगर और बेसीबासा पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की और ढांढस बंधाया.
पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बिहार सरकार और श्रम संसाधन विभाग की ओर से प्रवासी मजदूर कल्याण योजना के तहत मिलने वाली अनुग्रह राशि और सभी नियमानुकूल सहायता अविलंब पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी. इस दौरान मुखिया प्रतिनिधि संजय सिंह, समाजसेवी ऋषभ कुमार सहित दर्जनों स्थानीय ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे.