समाचार · मध्य प्रदेश
दीपावली की खरीदारी के बीच सड़कों पर भारी जाम:रीवा में लगातार दूसरे दिन ट्रैफिक प्लान बेअसर, बैरिकेडिंग के बाद भी नहीं सुधरे हालात
रीवा में दीपावली की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ रही भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। शुक्रवार को अमहिया, कॉलेज चौराहा, जय स्तंभ, ढेकहा चौराहा और बस स्टैंड सहित कई प्रमुख इलाकों में जाम लगा रहा। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे। लगातार दूसरे दिन ऐसी स्थिति बनने के बावजूद यातायात व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आया। त्योहार के चलते बाजारों में भीड़ बढ़ने का पहले से अनुमान था। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने के इंतजाम कारगर नहीं दिखे। बेतरतीब पार्किंग और ऑटो-ई-रिक्शा की आवाजाही से जाम की स्थिति और बिगड़ गई। जरूरी काम से निकले लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। बैरिकेडिंग के बाद भी नहीं सुधरे हालात त्योहारी सीजन में यातायात संभालने के लिए पुलिस ने विशेष प्लान बनाया है। इसके तहत बैरिकेडिंग की गई है और कुछ मार्गों पर ऑटो-ई-रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद शुक्रवार को कई प्रमुख इलाकों में जाम लगा रहा। ऐसे में व्यवस्था को लेकर पुलिस की मैदानी निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। लोग बोले- जरूरी काम से निकलना भी मुश्किल जाम में फंसे सुरेश पटेल ने बताया कि शहर के प्रमुख रास्तों पर निकलना मुश्किल हो गया है। काफी समय सड़क पर ही गुजर जाता है। त्योहार के समय यातायात व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, लेकिन मौके पर प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आते। वहीं, महाबली सिंह ने कहा कि जाम के कारण जरूरी काम से जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। भीड़ के समय यातायात संभालना ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन सड़कों पर हालात देखकर ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती। ट्रैफिक थाना प्रभारी बोलीं- पुलिस बल तैनात ट्रैफिक थाना प्रभारी अनीमा शर्मा ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जहां जाम लगता है, वहां यातायात व्यवस्थित करने और जरूरत के अनुसार मार्ग बदलने की कार्रवाई की जा रही है। समाजसेवी ने उठाए व्यवस्था पर सवाल समाजसेवी शिवानंद द्विवेदी ने कहा कि रीवा में हर बड़े त्योहार पर यातायात का दबाव बढ़ता है। इसके बावजूद हर बार जाम की समस्या सामने आती है। पुलिस को केवल प्लान बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सड़कों पर उसका असर भी दिखना चाहिए। लोगों को बैरिकेडिंग और दावों से नहीं, जाम से राहत मिलने पर ही व्यवस्था का फायदा मिलेगा।