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लुधियाना-हादसे घायल पत्नी के बाद पति की भी मौत:एक्टिवा सवार दंपती को अज्ञात वाहन ने मारी थी टक्कर, पत्नी की मौके पर गई जान
जगराओं-मोगा राष्ट्रीय राजमार्ग पर परदेसी ढाबे के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल पूर्व सूबेदार हरजिंदर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई। लुधियाना के अस्पताल में 10 दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। हादसे वाले दिन ही उनकी पत्नी सुखविंदर कौर की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव गालिब खुर्द में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 दिन पूर्व गालिब खुर्द निवासी पूर्व सूबेदार हरजिंदर सिंह अपनी पत्नी सुखविंदर कौर के साथ एक्टिवा (PB 10EB 0355) पर जगराओं से घरेलू सामान खरीदकर अपने गांव लौट रहे थे। जब वे मोगा रोड पर परदेसी ढाबे के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी एक्टिवा को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद संतुलन बिगड़ने से दोनों सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद अज्ञात वाहन दोनों को कुचलता हुआ मौके से फरार हो गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण सुखविंदर कौर की मौके पर ही मौत हो गई थी। 10 दिन अस्पताल में चला इलाज हादसे के तुरंत बाद राहगीरों ने गंभीर रूप से घायल हरजिंदर सिंह को सिविल अस्पताल जगराओं पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने लुधियाना रेफर कर दिया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद 10 दिन बाद हरजिंदर सिंह ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क किनारे अवैध पार्किंग से लोगों में रोष हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों में गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि हाईवे पर स्थित परदेसी ढाबे के बाहर सड़क किनारे बेतरतीब खड़े भारी वाहन (ट्रक-ट्रॉले) हादसों का मुख्य कारण बन रहे हैं। पुलिस द्वारा इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से यातायात बाधित होता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों पर अंकुश लगाया जा सके।