समाचार · उत्तराखंड
मैं दलेर मेहंदी और मीका दोनों से बात करूंगा; विवाद बढ़ता देख समाधान के लिए आगे आए सीएम धामी

उत्तराखंड में टिहरी जिले के कुंजापुरी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और गायक दलेर मेहंदी के बीच हुए विवाद को बढ़ता देख गुरूवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाधान के लिए हस्तक्षेप किया है और कहा है कि वह इस मामले में दलेर मेहंदी तथा उनके भाई मीका सिंह से बात करेंगे।इस बारे में देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल पर उस समय जनता का दवाब रहा होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि वह स्वयं यह बात कह चुके हैं कि उन्हें दलेर मेंहदी का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी नहीं थी। मुख्यमंत्री ने कहा, 'जब मंत्री जी ने स्वयं बयान दे दिया है कि उनका ऐसा कोई मंतव्य नहीं था तो मैं समझता हूं कि सबको इस मामले की यहीं पर इतिश्री कर देनी चाहिए।'धामी ने यह भी कहा कि वैसे भी उत्तराखंड तो हमेशा कलाकारों और साहित्यकारों सहित सभी विद्वानों का सम्मान करने वाली धरती है। यह पूछे जाने पर कि मेहंदी के भाई मीका सिंह ने इस प्रकरण में उनसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है तो इस पर धामी ने कहा, 'मैं मीका भाई से बात करूंगा। दलेर मेंहदी जी से भी बात करूंगा। मेरी दोनों से मित्रता है।'बता दें कि टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में 18 अक्टूबर की रात को आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान उनके लाइव गायन और बैकग्राउंड साउंड ट्रैक में अलग-अलग आवाजें सुनाई देने के कारण हंगामा हो गया था।कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय विधायक उनियाल इस पर नाराज हो गए और मंच पर पहुंचकर उन्होंने मेहंदी से कहा कि उन्हें मनोरंजन के लिए काफी पैसे देकर बुलाया गया है इसलिए प्रस्तुति के दौरान गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वह तो बोल भी नहीं पा रहे हैं तो क्या गाएंगे। इस दौरान मंच पर कुछ देर के लिए असहज स्थिति बन गई।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मामले में लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं और मंत्री को उनके व्यवहार के लिए सिने जगत के साथ ही राजनीतिक दलों की आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा। हालांकि, इसके बाद उनियाल ने बुधवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि मेहंदी को एक बड़ा नाम होने के कारण कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था लेकिन अपनी खराब तबियत के बारे में उन्हें पहले से बता देना चाहिए था।उनियाल ने कहा, 'जब मंच पर यह साफ हो गया कि वे गा नहीं रहे हैं, बल्कि सिर्फ लिप-सिंकिंग कर रहे हैं तो वहां के स्थानीय प्रतिनिधि और आयोजन समिति से जुड़े होने के नाते मुझ पर लोगों का दबाव था कि इस बात पर सवाल उठाया जाए...।' मंत्री ने बताया कि उन्हें पता चला कि मेहंदी की टीम को सिर्फ हाथ हिलाने और लिप-सिंक करने के लिए कहा गया था जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई।'वो ना तो ठीक से बोल पा रहे थे और ना चल पा रहे थे'उनियाल ने कहा, 'वे न तो बोल पा रहे थे और न ही चल पा रहे थे। उस समय मुझे लगा कि शायद वे किसी नशे के प्रभाव में हैं, हालांकि असल में यह किस चीज की वजह से हो रहा था, इसका मुझे नहीं पता, क्योंकि कोई मेडिकल जांच नहीं हुई थी।' मंत्री ने आगे बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि तबियत खराब होने के कारण वह नहीं बोल पा रहे थे।उनियाल ने कहा था- 35 लाख रुपए एडवांस में लिए थेउनियाल ने आगे कहा था कि मेहंदी को अपनी खराब तबीयत के बारे में पहले ही बता देना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'अगर उनकी तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम के लिए नहीं आना चाहिए था। हमसे 35 लाख रुपए का पूरा भुगतान पहले ही ले लिया गया था और होटल भी पहले से बुक कर दिए गए थे। मेरी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है और न ही मेरा उन्हें ठेस पहुंचाने का कोई इरादा था।'