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सिविल अस्पताल में महिला डॉक्टर से मारपीट:इमरजेंसी में इलाज के दौरान मरीज से हुई कहासुनी; बीच-बचाव करने आए कर्मचारियों से भी मारपीट
मोहाली के खरड़ स्थित सिविल अस्पताल में देर रात इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मरीज ने पहले डॉक्टर के साथ गाली-गलौज की और फिर उन्हें खींचकर जमीन पर गिरा दिया। डॉक्टर को बचाने के लिए बीच-बचाव करने आए अस्पताल के कर्मचारियों के साथ भी आरोपी ने मारपीट की। घटना अस्पताल में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। आरोपी नशे की हालत में लग रहा था। जानकारी के अनुसार, देर रात एक युवक इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ रूम के सामने जमीन पर लेटकर दर्द से कराह रहा था। इमरजेंसी स्टाफ उसे तुरंत माइनर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में ले गया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. हरशरणप्रीत कौर ने उसका इलाज किया। इसी दौरान डॉक्टर और मरीज के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि महिला डॉक्टर के ओटी से बाहर निकलते ही मरीज उनके पीछे भागा और उन्हें खींचकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उसने डॉक्टर के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुई घटना से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर डॉक्टर को बचाया और आरोपी को काबू किया। परिजनों का आरोप, गलत दवा से हुआ रिएक्शन दूसरी तरफ, मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की ओर से गलत दवा दिए जाने के कारण मरीज को रिएक्शन हुआ। उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही करने और बहस करने के भी आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर थाना सिटी खरड़ के सब इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और स्थिति को संभाला। सीएमओ डॉ. सरिता और डॉ. इशांत शर्मा भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद देर रात महिला डॉक्टर ने सिटी थाना खरड़ में अपने बयान दर्ज करवाए। पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के काम में बाधा डालने और मारपीट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग एसएमओ डॉ. सरिता ने कहा कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पहले भी पुलिस और प्रशासन को कई बार लिखित रूप में सूचित किया जा चुका है। अब वह जिला पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग करेंगी, ताकि डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।