national
कमजोर पड़ा मुरासु तूफान, आंध्र प्रदेश में थमी बारिश, इन 3 जिलों में फिर बरसेंगे बादल

Cyclone Murasu Updates: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब काफी कम हो गया है. गुरुवार (5 नवंबर) को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश थम गई, जबकि दक्षिणी तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक अब किसी भी जिले के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं है. हालांकि, नेल्लोर, तिरुपति और बापटला में इस सप्ताह के अंत तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.
आंध्र प्रदेश में कमजोर पड़ा मुरासु, अधिकांश जिलों में बारिश बंद
आंध्र प्रदेश के रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) विभाग के अंतर्गत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने गुरुवार को मौसम और बारिश की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की. इसके अनुसार, मुरासु तूफान के कारण हो रही बारिश में काफी कमी आई है. गुरुवार सुबह तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में वर्षा लगभग बंद हो चुकी थी. केवल दक्षिणी तटीय क्षेत्र के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश हुई. रायलसीमा समेत अधिकतर जिलों में बारिश नहीं हुई या बेहद कम दर्ज की गई. मौसम की स्थिति में सुधार होने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत मिली है.
गोदावरी के पांच जिलों में हुई थी सबसे ज्यादा बारिश
बुधवार (4 नवंबर) को मुरासु के प्रभाव से सबसे अधिक बारिश गोदावरी क्षेत्र में दर्ज की गई थी. पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, एलुरु और पोलावरम जिलों के कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश हुई. हालांकि, गुरुवार सुबह बारिश की गतिविधियां नेल्लोर जिले की ओर केंद्रित हो गईं. यहां हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. पिछले दो दिनों की कुल बारिश के आंकड़ों के अनुसार, निदादावोलु, कोव्वुर और काकीनाडा सबसे अधिक प्रभावित शहरी क्षेत्रों में शामिल रहे. इसके बाद कोनासीमा जिले के मुम्मिडिवरम और अमलापुरम में ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई.
शहरों में जलभराव से राहत, नालों का जलस्तर भी घटा
तूफान कमजोर होने के साथ शहरी इलाकों की स्थिति में भी सुधार हुआ है. गुरुवार सुबह किसी भी शहर में भारी बारिश या जलभराव की नई घटना की सूचना नहीं मिली. राज्य के प्रमुख जलाशयों और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति भी अब स्थिर बताई गई है. निगरानी में रखी गई सभी परियोजनाओं में पानी का प्रवाह या तो स्थिर है या उसमें कमी आ रही है. प्रकाशम बैराज से जितना पानी आ रहा है, लगभग उतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है. इससे जलस्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है.
नेल्लोर, तिरुपति और बापटला में फिर बारिश की संभावना
आने वाले दिनों में आंध्र प्रदेश में व्यापक स्तर पर भारी बारिश होने की संभावना नहीं जताई गई है. हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. विशेष रूप से दक्षिणी तटीय जिलों नेल्लोर, तिरुपति और बापटला में सप्ताहांत के आसपास बारिश की गतिविधियां थोड़ी बढ़ सकती हैं. इसके बावजूद वर्षा की तीव्रता मध्यम रहने का अनुमान है. फिलहाल पूरे राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी प्रभावी नहीं है. ऐसे में मौसम की स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर होने की उम्मीद है.
Also Read: UP Weather Update: यूपी में बढ़ने लगी ठंड, हरदोई में पारा 13.5 डिग्री पहुंचा, अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?