Sunday, 25 October 2026
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पानीपत: मुख्यमंत्री के दौरे से पहले इनसो नेता हाउस अरेस्ट:प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे

INT News25 October 2026 at 07:45 pm

पानीपत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे से पहले पुलिस ने इनसो के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बलराज देशवाल को उनके घर पर ही रोक दिया। देशवाल मुख्यमंत्री से मिलकर प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में थे। इसके लिए उन्होंने आर्य कॉलेज में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की योजना बनाई थी, लेकिन कार्यक्रम से पहले ही पुलिस उनके घर पहुंच गई और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। देशवाल ने कहा कि उन्हें लगातार दूसरी बार हाउस अरेस्ट किया गया है। इससे पहले 9 अक्तूबर को भी पुलिस ने उन्हें घर पर रोक दिया था। छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग उठाने जा रहे थे बलराज देशवाल ने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। छात्र अपने अधिकारों, शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से पहले ही रोक दिया गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यार्थियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने से रोकना समझ से परे है। बोले- छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र का अहम हिस्सा इनसो नेता ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव विद्यार्थियों को अपना नेतृत्व चुनने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देते हैं। इससे छात्र अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकते हैं और नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकते हैं। प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव बहाल होने से विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा। इनसो इस मांग को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी। खुद एमए इतिहास के विद्यार्थी हैं देशवाल बलराज देशवाल ने कहा कि वह स्वयं एमए इतिहास के विद्यार्थी हैं और छात्र होने के नाते विद्यार्थियों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को समझते हैं। छात्र राजनीति का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की आवाज उठाना और उनके हितों की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई से छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग कमजोर नहीं होगी। विद्यार्थियों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।