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कमीशन के बदले ठगों को देते थे बैंक खाते:करनाल पुलिस ने यूपी से 2 आरोपी पकड़े, तीसरे की तलाश जारी
करनाल में साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों कमीशन के बदले काम करते थे। इनको ठगो की तरफ से बैंक खाते उपलब्ध करवाए जाते थे। ठगी की रकम खातों में आने के बाद वे उसे निकालकर या ऑनलाइन दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों का करनाल अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में तीसरा आरोपी अभी फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। एपीके एप के जरिए खाते से निकाले थे 2.55 लाख रुपए साइबर थाना के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने बताया कि 16 अगस्त 2025 को एक शिकायतकर्ता के साथ एपीके एप के जरिए साइबर ठगी हुई थी। उसके बैंक खाते से 2 लाख 55 हजार रुपए निकाल लिए गए थे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लेन-देन की कड़ियां जोड़ीं और आरोपियों तक पहुंची। इसके बाद उत्तर प्रदेश से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कमीशन के बदले ठगों को देते थे बैंक खाते जांच अधिकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के एक गांव निवासी जिशान ने अपना बैंक खाता कमीशन के आधार पर ठगों को दिया हुआ था। इस खाते में साइबर ठगी की रकम आती थी। दूसरा आरोपी संभल निवासी शाहरुख है। उसकी साजिश नाम के युवक से बातचीत होती थी। आरोप है कि साजिश इनके संपर्क में रहता था और ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। साजिश के कहने पर ट्रांसफर करते थे रकम पुलिस के मुताबिक, खातों में ठगी का पैसा आने के बाद आरोपी उसे निकालते या साजिश के कहने पर ऑनलाइन दूसरे खातों में भेज देते थे। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड चीन, पाकिस्तान और कंबोडिया में बैठकर काम करते हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक के संपर्क पाकिस्तान तक जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर जांच जारी है। तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब मामले में फरार तीसरे आरोपी को पकड़ने के प्रयास कर रही है। जांच अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।