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लोहारू में गांव लौटने पर रिटायर सूबेदार का स्वागत:28 साल बाद लौटे, सिपाही के पद पर हुए भर्ती, पहली तैनाती रुड़की में हुई
भारतीय सेना में लगभग 28 वर्षों तक सेवा देने के बाद सूबेदार नवीन कलिया अपने गृह गांव गोठड़ा लौटे। शनिवार को लोहारू रेलवे स्टेशन से लेकर गांव गोठड़ा तक उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। पटियाला से सूबेदार नवीन कलिया के लोहारू रेलवे स्टेशन पहुंचते ही सैकड़ों लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और भारतीय सेना जिंदाबाद के नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। इसके बाद लोहारू रेलवे स्टेशन से गांव गोठड़ा तक एक स्वागत यात्रा निकाली गई। डीजे पर बज रहे देशभक्ति गीतों पर युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे झूमते नजर आए। पूरे मार्ग पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। रिटायर सूबेदार सबसे पहले गांव के मंदिर में गए गांव पहुंचने के बाद सूबेदार नवीन कलिया सबसे पहले गांव के मंदिर गए, जहां उन्होंने भगवान के दर्शन कर देश व समाज की खुशहाली की प्रार्थना की। इसके उपरांत ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर गांव में मेले जैसा माहौल था और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सूबेदार नवीन कलिया वर्ष 1998 में भारतीय सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उनकी पहली नियुक्ति रुड़की में हुई थी। अपने सैन्य जीवन के दौरान उन्होंने देश की विभिन्न संवेदनशील सीमाओं पर सेवाएं दीं। उन्होंने लगभग 18 हजार फीट की ऊंचाई पर भारतीय सेना के टैंक को सफलतापूर्वक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया, जिसके लिए उन्हें भारतीय सेना के चीफ द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। विदेश में भी सेवाएं दे चुके रिटायर सूबेदार उन्होंने देश के अलावा विदेश में भी अपनी सेवाएं दी हैं। सूबेदार नवीन कलिया ने संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत दक्षिण सूडान (अफ्रीका) में भी अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया और भारत का नाम गौरवान्वित किया। उनके अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सेना में हमेशा सराहना की जाती रही है। इस अवसर पर सूबेदार नवीन कलिया ने कहा कि उन्हें अपने गांव और क्षेत्र के लोगों से जो सम्मान और स्नेह मिला है, वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा गांव गोठड़ा प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द की मिसाल है। यहां सभी जाति और समाज के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। गांव के लोगों का यही अपनापन मेरी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने युवाओं से देश सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य प्राप्त करने का आह्वान किया। पिता भी सेना में कैप्टन रह चुके सूबेदार नवीन कलिया का परिवार भी लंबे समय से देश सेवा और सरकारी सेवाओं से जुड़ा रहा है। उनके पिता स्वर्गीय ओमप्रकाश भारतीय सेना में कैप्टन पद से रिटायर हुए थे। परिवार के अन्य सदस्य भी विभिन्न सरकारी सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनके एक भाई हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं, एक भाई व्याख्याता (लेक्चरर) हैं, राकेश कुमार सेना पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा सचिन कुमार हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। पूरे परिवार की राष्ट्र सेवा की परंपरा क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। इस अवसर पर सूबेदार जितेंद्र झज्जर, सूबेदार जगबीर, सूबेदार सुरेश जाखड़, सूबेदार दुर्गा प्रसाद, सूबेदार राज बहादुर उत्तर प्रदेश सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, परिजन, रिश्तेदार, सामाजिक प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा, महिलाएं, बच्चे तथा आसपास के गांवों से पहुंचे सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। सभी ने सूबेदार नवीन कलिया के उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक शुभकामनाएं दीं।