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पंजाब कांग्रेस की कलह बुझाने के दौरान हंगामा:प्रभारी भूपेश बघेल के खिलाफ नारेबाजी, चन्नी को अध्यक्ष बनाने की मांग, हाईकमान तक आवाज न पहुंचने का आरोप
पंजाब कांग्रेस में जारी भारी गुटबाजी और अंदरूनी खींचतान को शांत करने के उद्देश्य से पहुँचे पंजाब मामलों के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दौरे के दौरान पार्टी का अंदरूनी कलह सार्वजनिक रूप से सामने आ गया। विवाद को सुलझाने पहुँचे पार्टी प्रभारी के सामने ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और बघेल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में नारे लगाए और आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की जमीनी आवाज पार्टी हाईकमान तक पहुँचने ही नहीं दी जा रही है। हाईकमान तक बात न पहुँचाने और 'आप' से साठगांठ का आरोप प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीधा निशाना साधते हुए कहा कि भूपेश बघेल और राजा वड़िंग पार्टी वर्करों की सच्ची और जायज बातें शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुँचा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग अंदरखाने आम आदमी पार्टी (AAP) के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के संपर्क में हैं। कार्यकर्ताओं ने यह गंभीर दावा भी किया कि जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी, तब राजा वड़िंग बसों के फंड में कथित गड़बड़ी करते थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजा वड़िंग को इस बात के लिए दबा रखा है और धमकी दी है कि यदि वे अधिक बोलेंगे तो उनकी पुरानी फाइलें खोल दी जाएंगी; इसी खौफ की वजह से राजा वड़िंग मुख्यमंत्री मान के खिलाफ आवाज उठाने से कतराते हैं। चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि उनकी आवाज को बिना किसी बाधा के पार्टी हाईकमान तक पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने का एकमात्र रास्ता पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाना है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि चन्नी के नेतृत्व में ही कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में फिर से मजबूत वापसी कर सकती है। कलह सुलझाने में जुटीं बघेल की कोशिशें पड़ीं फीकी उल्लेखनीय है कि पंजाब कांग्रेस में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले चल रही प्रचंड गुटबाजी को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल को विवाद सुलझाने और बैठकों के जरिए तालमेल बैठाने की जिम्मेदारी दी है। हालांकि, कार्यकर्ताओं के इस भारी विरोध और सीधे आरोपों के बाद अब पंजाब में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के लिए एकजुटता कायम करना एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।