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‘पप्पू गैंग ने मिलकर’… संसद में चंदा चोरी के नाटक पर सीएम धामी ने राहुल गांधी और पप्पू यादव को सुनाई खरी-खरी

पूर्णिया से निर्दलीय सासंद पप्पू यादव शुक्रवार को संसद परिसर में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर साधु की वेशभूषा में नजर आए थे। पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में नजर आए तो लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वहां पहुंचे और प्रतीकात्मक तौर पर चंदा दिया। इसके बाद पप्पू यादव वहां से भागने लगे तो विपक्षी सांसदों ने 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' के नारे लगाए गए।संसद परिसर में नाटक पर बैठने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीएम ने कहा है कि इस नाटक के जरिए पूज्य महात्मा, संतों और भगवाधारी का मजाक उड़ाया गया है।विपक्ष ने उड़ाया संतों का मजाक, बोले धामीसीएम ने कहा ‘कल मैं देख रहा था कि पप्पू यादव और पप्पू गैंग ने मिलकर जिस प्रकार से हमारे पूज्य महात्मा, संतों और भगवाधारी हैं उनका एक तरह से मजाक उड़ाने का काम किया है। इनका यह चरित्र दोहराता हैं कि इनको सनातन से किस प्रकार की नफरत है। और हमने तो उत्तराखंड में पहले ही ऑपरेशन कालनेमी चलाया हुआ है। पूरा देश देख रहा है कि ये कभी सनातन को वायरल कहते हैं कभी मलेरिया तो कभी डेंगू कहते हैं और इनके एक के बाद एक बयान आते हैं। सफाई देना तो दूर की बात इनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता।’वोट बैंक की राजनीतिक का आरोप लगायापुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा ‘ये इनका तुष्टिकरण है। ये वोट बैंक की राजनीति है। इनको लगता है कि हम इसपर बोलेंगे तो एक बड़ा वोट बैंक इनसे खिसक जाएगा और नाराज हो जाएगा।’धामी ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा 'आज कांग्रेस के लिए युवा सिर्फ और सिर्फ चुनाव के समय इस्तेमाल किया जाने वाला एक 'वोट बैंक' भर हैं। प्रधानमंत्री जी एक अभिभावक के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। वे युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।'नई पीढ़ी के लिए क्या बोले धामी?नई पीढ़ी को लेकर सीएम ने कहा कि 'हमारी ये 'जेन जी' कोई साधारण पीढ़ी नहीं है, बल्कि यह प्रतिभाशाली होने के साथ-साथ नए विचारों से भरपूर और सीमाओं से परे जाकर सोचने वाली पीढ़ी है। यह नए भारत की नई पीढ़ी है, जो टेक्नोलॉजी से पूरी तरह जुड़ी हुई है। जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।'