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बिहार में 1.60 लाख बीएलए...SIR पर सिर्फ दो आपत्तियां, फिर हंगामा क्यों? पटना में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का सवाल

Bhupendra Yadav on SIR : बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल खड़े किये हैं. केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को पटना के द पनाश कोटिल्य में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि बिहार में 12 राजनीतिक दलों के कुल 1,60,813 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त थे, लेकिन एसआईआर के दौरान उनकी ओर से केवल दो आपत्तियां दर्ज करायी गयीं.
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगा रहा था, तो उसके प्रतिनिधियों ने आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया में सक्रियता क्यों नहीं दिखायी?
निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची पुनरीक्षण का अधिकार
भूपेंद्र यादव ने कहा कि एसआईआर कोई नई या असंवैधानिक प्रक्रिया नहीं है. यह मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए अपनायी जाने वाली संवैधानिक प्रक्रिया है. संविधान के अनुच्छेद 324 और 326 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 21 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है. देश में इससे पहले भी आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया हो चुकी है.
21.53 लाख नये मतदाताओं के नाम जुड़े
केंद्रीय मंत्री ने एसआईआर के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बिहार में घर-घर सत्यापन के दौरान 21 लाख 53 हजार नये मतदाताओं के नाम जोड़े गये. वहीं, सत्यापन में 25 लाख मृत मतदाता, 36 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित और सात लाख दोहरे नाम वाले मतदाता चिह्नित किये गये. उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में बूथ लेवल ऑफिसर के साथ राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी भूमिका सुनिश्चित की गयी थी. बीएलओ को मतदाताओं के घर तीन बार जाकर सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था.
विपक्ष के थिंक टैंक पर भी साधा निशाना
भूपेंद्र यादव ने विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक रणनीति और उसके थिंक टैंक पर भी सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की रणनीति बनाने वाले समूहों का आम जनता से सीधा जुड़ाव नहीं है. उन्होंने राजद के थिंक टैंक में आइसा के पूर्व नेतृत्व, कांग्रेस के युवा नेतृत्व में जेएनयू के प्रभाव और समाजवादी पार्टी के रणनीतिक समूह में जामिया के पुराने नेतृत्व का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है.
ईवीएम पर आरोपों को भी किया खारिज
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष की ओर से ईवीएम और चुनावी नतीजों पर उठाये जाने वाले सवालों का भी जवाब दिया. उन्होंने विभिन्न राज्यों के चुनाव परिणामों और पोस्टल बैलेट के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगता है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है और चुनावी प्रक्रिया पर आरोप लगाने के बजाय राजनीतिक दलों को जनता के बीच अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए.
भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार लोकतांत्रिक चेतना, न्यायशास्त्र और जन आंदोलनों की ऐतिहासिक भूमि रहा है. जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ के संकल्प को दोहराया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद एक व्यक्ति, एक वोट के सिद्धांत पर टिकी है और मतदाता सूची की शुद्धता इसी सिद्धांत को मजबूत करती है.