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33 KV लाइन ब्रेकडाउन से पाटन में बिजली ठप, 11 घंटे बाद भी बहाली का इंतजार

पलामूः जिले के पाटन प्रखंड में शुक्रवार की मध्य रात्रि से बिजली आपूर्ति ठप है. शनिवार को करीब 11 घंटे बीत जाने के बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी. बिजली विभाग की ओर से 33 केवीए लाइन के ब्रेकडाउन को आपूर्ति बाधित होने का कारण बताया जा रहा है. हालांकि, बिजली कब तक बहाल होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को नहीं दी जा रही है. इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है.
महीने में करीब 20 दिन फॉल्ट की समस्या का दावा
उपभोक्ताओं का कहना है कि पाटन रूट में बिजली आपूर्ति बाधित होना कोई नई बात नहीं है. उनका दावा है कि महीने में करीब 20 दिन लाइन में ब्रेकडाउन या फॉल्ट की समस्या बनी रहती है. खासकर किशुनपुर रूट की स्थिति ज्यादा खराब बतायी जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार इस रूट में अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे घरेलू कामकाज के साथ खेती और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित होते हैं.
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कुम्हवा ग्रिड से जुड़ने के बाद बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि किशुनपुर को जब से कुम्हवा ग्रिड से जोड़ा गया है, तब से विद्युत आपूर्ति और अनियमित हो गई है. ग्रामीणों ने किशुनपुर के लिए अलग विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की मांग की है. इस संबंध में राज्य के वित्त सह संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर को आवेदन भी दिया गया है.
सगुना फीडर के फॉल्ट पर उठे सवाल
शुक्रवार की रात पाटन रूट की बिजली पहले सगुना फीडर में फॉल्ट के कारण बाधित होने की बात कही गई. इस पर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब सगुना और किशुनपुर अलग-अलग रूट हैं, तो सगुना फीडर के फॉल्ट का असर किशुनपुर रूट पर क्यों पड़ रहा है. बाद में विभाग की ओर से 33 केवीए लाइन के ब्रेकडाउन की जानकारी दी गई.
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बार-बार फॉल्ट से परेशान उपभोक्ता
उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार फॉल्ट और लंबे समय तक बिजली बंद रहने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. बिजली की अनियमित आपूर्ति का असर घरेलू कामकाज के साथ खेती और छोटे व्यवसाय पर भी पड़ रहा है. ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से समस्या का स्थायी समाधान करने और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि बार-बार होने वाले फॉल्ट से राहत के लिए विभाग को विद्युत व्यवस्था में सुधार के साथ समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए.