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पूजा पंडालों में पलामू प्रमंडल में सबसे आगे रहा गढ़वा, पिछले साल 719 जगह सजे थे मां के दरबार

गढ़वाः दुर्गापूजा के आयोजन के मामले में गढ़वा पिछले साल पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों में सबसे आगे रहा था. वर्ष 2025 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 719 स्थानों पर दुर्गापूजा का आयोजन हुआ था. वहीं, पलामू में 680 और लातेहार में 147 स्थानों पर पूजा पंडाल सजाए गए थे. ये आंकड़े पिछले वर्ष के हैं, इस वर्ष के नहीं हैं. हालांकि, इनसे गढ़वा जिले में दुर्गोत्सव के बड़े स्तर पर होने वाले आयोजनों का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पिछले साल के आयोजन को देखते हुए इस बार भी दुर्गापूजा के दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. पलामू के डीआईजी किशोर कौशल ने गढ़वा में दुर्गापूजा को लेकर सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं.
पूजा पंडालों और महत्वपूर्ण स्थलों पर रहेगी नजर
डीआईजी ने पूजा पंडालों और महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सतर्क रहने को कहा गया है. उन्होंने पर्व के दौरान शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया. आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों का त्वरित समाधान किया जा सके, इसके लिए भी आवश्यक निर्देश दिये गये हैं. सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है.
719 आयोजनों को देखते हुए इस बार भी तैयारी
वर्ष 2025 में जिले के 719 स्थानों पर दुर्गापूजा का आयोजन हुआ था. ऐसे में इस बार भी पुलिस की तैयारी केवल बड़े और प्रमुख पंडालों तक सीमित नहीं रहेगी. पूजा स्थलों की स्थिति और संवेदनशीलता के आधार पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. भीड़ वाले पंडालों और महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त बल लगाने की तैयारी है. ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले पूजा आयोजनों को लेकर संबंधित थाना स्तर से भी निगरानी रखी जाएगी. पूजा समितियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है.
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भीड़ के साथ यातायात संभालना भी चुनौती
दुर्गापूजा के दौरान सप्तमी से दशमी तक पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है. इसके कारण बाजारों और प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव भी बढ़ेगा. पंडालों के आसपास वाहनों की पार्किंग, पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही और सामान्य यातायात को व्यवस्थित रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी. दशमी के दिन प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है. इसे देखते हुए विसर्जन मार्ग और प्रमुख चौक-चौराहों पर भी पुलिस बल की तैनाती की जाएगी.
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी
त्योहार के दौरान संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. पुलिस पदाधिकारियों को किसी भी विवाद या अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए सतर्क रहने को कहा गया है. इसके अलावा अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर भी नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके.
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पूजा समितियों के साथ समन्वय पर जोर
एसपी आशुतोष शेखर ने कहा कि दुर्गापूजा को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है. पूजा समितियों के साथ समन्वय कर भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी की व्यवस्था की जायेगी. श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता है.
2025 में तीनों जिलों में गढ़वा सबसे आगे
पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों के वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार गढ़वा में 719 स्थानों पर दुर्गापूजा का आयोजन हुआ था. पलामू में 680 और लातेहार में 147 स्थानों पर पूजा हुई थी. लातेहार के आंकड़े में 86 लाइसेंसी पूजा आयोजन भी शामिल हैं. ये आंकड़े वर्ष 2025 के हैं और इस वर्ष होने वाले पूजा आयोजनों की संख्या नहीं हैं. हालांकि, पिछले साल के आयोजन के पैमाने को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने इस बार भी पूजा पंडालों, महत्वपूर्ण स्थलों, संवेदनशील इलाकों, भीड़, यातायात और प्रतिमा विसर्जन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं.