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'उसके बस की बात नहीं', वैभव सूर्यवंशी फेल हुए तो बोले अश्विन; गंभीर-अय्यर की रणनीति पर उठाए सवाल

भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. वैभव को इस मैच में ओपनिंग के बजाय नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, लेकिन वह सिर्फ 8 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हो गए. उनके इस प्रदर्शन के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाए. अश्विन के मुताबिक, वैभव को ऐसी भूमिका दी गई, जिसमें वह सहज नजर नहीं आए.
नंबर-3 पर बल्लेबाजी करना वैभव के लिए मुश्किल
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव किया. वैभव सूर्यवंशी को तीसरे नंबर पर उतारा गया, जबकि टीम में अनुभवी बल्लेबाजों के लिए भी अलग-अलग भूमिकाएं थीं. हालांकि, यह प्रयोग सफल नहीं रहा और वैभव जल्द ही पवेलियन लौट गए. अश्विन ने इस प्रदर्शन को युवा बल्लेबाज के लिए एक ऐसा मौका बताया, जिसमें वह अपनी स्वाभाविक लय हासिल नहीं कर सके. उनका मानना है कि किसी खिलाड़ी को उसकी मजबूत भूमिका से हटाकर नई जिम्मेदारी देने पर उसे परिस्थितियों के अनुसार ढलने का समय देना भी जरूरी होता है.
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अश्विन ने कहा- वैभव अपनी सहज स्थिति में नहीं थे
मैच के बाद बातचीत के दौरान अश्विन ने कहा कि वैभव लगातार शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह गेंद को सही समय पर हिट नहीं कर पा रहे थे. उनके मुताबिक, युवा बल्लेबाज अपनी स्वाभाविक स्थिति से बाहर नजर आए. अश्विन ने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थिति में किसी अनुभवी खिलाड़ी का साथ मिलना अहम होता है. सीनियर बल्लेबाज युवा खिलाड़ी को शांत रहने, गेंद पर ध्यान देने और जल्दबाजी से बचने की सलाह दे सकता है. अश्विन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि सही भूमिका और मानसिक स्पष्टता भी मायने रखती है.
गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को दी सलाह
अश्विन ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम पर दोबारा विचार करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि यदि भारत वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को एक साथ प्लेइंग इलेवन में खिलाना चाहता है, तो बल्लेबाजी क्रम ऐसा होना चाहिए जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी अपनी भूमिका में सहज रह सके. अश्विन के अनुसार, पहले भी इस तरह के संयोजन में संजू सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर चुके हैं. इसलिए टीम को यह तय करना होगा कि खिलाड़ियों की ताकत का बेहतर इस्तेमाल किस क्रम में किया जा सकता है. हालांकि, अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट का ही होगा.
एक पारी से वैभव की प्रतिभा पर सवाल नहीं
वैभव सूर्यवंशी कम उम्र में अपने आक्रामक अंदाज से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच चुके हैं. ऐसे में एक मैच में कम रन बनाना उनकी क्षमता का अंतिम आकलन नहीं हो सकता. युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने के लिए अनुभव, निरंतरता और सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है. भारत के लिए चुनौती केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका देना नहीं, बल्कि उनके लिए उपयुक्त बल्लेबाजी क्रम तैयार करना भी है. न्यूजीलैंड के खिलाफ वैभव को तीसरे नंबर पर भेजने का प्रयोग सफल नहीं रहा, इसलिए आने वाले मुकाबलों में टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी.
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