Thursday, 5 November 2026
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बिहार दारोगा भर्ती में दो अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द, जानें क्या है पूरा मामला

INT News5 November 2026 at 05:35 pm

BPSSC SI Recruitment: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने दारोगा भर्ती परीक्षा में दो अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी है. इनमें रूपेश कुमार और नरेश कुमार शामिल हैं. दोनों पर प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी करने का आरोप है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU), पटना की जांच में दोनों की भूमिका सामने आने के बाद आयोग ने यह फैसला लिया है.

आयोग ने विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी है. EOU की सिफारिश पर दोनों अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है.

पूर्णिया के एग्जाम सेंटर से बाहर भेजे गए थे क्वेश्चन पेपर

EOU की SIT जांच में पता चला कि 18 जनवरी 2026 को पूर्णिया के एक एग्जाम सेंटर से दोनों शिफ्ट में क्वेश्चन पेपर बाहर भेजे गए थे. आरोप है कि सॉल्वर गैंग से पेपर सॉल्व कराया गया और आंसर अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए. जांच में रूपेश कुमार और नरेश कुमार के नाम सामने आए. दोनों प्रीलिम्स एग्जाम में पास हुए थे. रूपेश कुमार मेंस एग्जाम में भी सफल हुआ था.

सेंटर सुपरिटेंडेंट और कर्मचारी की भूमिका भी जांच के घेरे में

इस मामले में सेंटर सुपरिटेंडेंट मो. मुज्जफर आलम और ऑफिस कर्मचारी विवेक कुमार की भूमिका की भी जांच की गई है. SIT के मुताबिक, एग्जाम सेंटर के ओरिजिनल सीटिंग प्लान में बदलाव किया गया था. इसके अलावा दूसरा सीटिंग प्लान तैयार करने, सबूत छिपाने और आयोग को गलत जानकारी देने के आरोप भी सामने आए हैं.

जांच में यह भी पता चला कि एग्जाम हॉल में तय नियमों के खिलाफ अभ्यर्थियों को बैठाया गया था. इनविजिलेटर की ड्यूटी लगाने और ड्यूटी चार्ट पर साइन कराने में भी गड़बड़ी की गई थी.

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BPSSC SI Recruitment: CCTV फुटेज और डॉक्यूमेंट्स की हुई जांच

SIT ने एग्जाम सेंटर के CCTV फुटेज चेक किए. इसके साथ ही सीटिंग प्लान और ड्यूटी चार्ट की भी जांच की गई. सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर्स से पूछताछ कर उनके लिखित बयान लिए गए. जांच में मिले सबूतों के आधार पर आर्थिक अपराध थाने में FIR दर्ज की गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 और बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं.

एग्जाम शुरू होने से पहले पेपर लीक का सबूत नहीं

EOU के मुताबिक, अब तक की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह पता चले कि एग्जाम शुरू होने से पहले पेपर लीक हुआ था. जांच में सामने आया कि क्वेश्चन पेपर एग्जाम शुरू होने के बाद सेंटर से बाहर भेजे गए थे.

मेंस एग्जाम पहले ही हो चुका है रद्द

दारोगा भर्ती के प्रीलिम्स और मेंस एग्जाम में गड़बड़ी की जांच के लिए 2 सितंबर 2026 को SIT बनाई गई थी. मेंस एग्जाम से जुड़ी जांच रिपोर्ट पहले ही आयोग को सौंप दी गई थी. इसके बाद मेंस एग्जाम रद्द कर दिया गया था. अब प्रीलिम्स एग्जाम में हुई गड़बड़ी की जांच चल रही है.

आयोग ने नोटिस में कहा है कि आगे की जांच में अगर किसी दूसरे कैंडिडेट का नाम भी सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी.

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