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बलिया के राम गोविंद चौधरी कितनी बार बने थे विधायक? जानिए चिलकहर से बांसडीह तक का चुनावी सफर

INT News26 September 2026 at 01:47 pm

Ram Govind Chaudhary Political Career: बलिया की राजनीति में ही नहीं बल्कि यूपी की राजनीति में राम गोविंद चौधरी का नाम लंबे चुनावी सफर से जुड़ा रहा है. करीब चार दशक तक उन्होंने विधानसभा की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. 1977 में चिलकहर से शुरू हुआ यह सफर 2017 में बांसडीह की जीत के साथ आठवीं विधानसभा जीत तक पहुंचा. इस दौरान उन्हें जीत के साथ हार का सामना भी करना पड़ा. मंत्री पद से लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी तक, उनका राजनीतिक सफर कई अहम पड़ावों से गुजरा.

चिलकहर से शुरू हुआ विधानसभा सफर

राम गोविंद चौधरी ने 1977 में चिलकहर विधानसभा सीट से जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा. इसके बाद 1980 और 1985 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की. 1989 में जनता दल के टिकट पर वह चिलकहर से चौथी बार जीते. 1991 में जनता पार्टी के टिकट पर जीत के साथ उन्होंने लगातार पांचवीं बार विधानसभा में जगह बनाई.

लगातार जीत के बाद दो चुनावों में हार

लगातार पांच विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राम गोविंद चौधरी को 1993 में चिलकहर सीट पर हार मिली. 1996 में उन्होंने चंद्रशेखर की समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के टिकट पर फिर चिलकहर से चुनाव लड़ा. इस बार भी उन्हें जीत नहीं मिली और वह चौथे स्थान पर रहे. दो चुनावों की हार के बाद उन्होंने 2002 में फिर वापसी की.

2002 में छठी बार विधानसभा पहुंचे

2002 के विधानसभा चुनाव में राम गोविंद चौधरी ने समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय) के टिकट पर चिलकहर से चुनाव लड़ा. उन्होंने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस के बच्चा पाठक को हराया. इस जीत के साथ वह छठी बार विधायक बने. चुनाव के बाद उन्हें समाजवादी पार्टी के विधानमंडल दल का नेता चुना गया.

2007 में बदली सीट, बांसडीह से मिली हार

2007 में राम गोविंद चौधरी ने चिलकहर की जगह बांसडीह विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा. यहां उनका मुकाबला बसपा प्रत्याशी शिव शंकर से हुआ. उन्हें महज 488 वोटों के अंतर से हार मिली. यह चुनाव उनके आठ विधानसभा जीतों के रिकॉर्ड में शामिल नहीं है. इसके बाद उनकी नजर बांसडीह से वापसी पर रही.

2012 में जीत के साथ फिर विधानसभा पहुंचे

2012 के विधानसभा चुनाव में राम गोविंद चौधरी ने बांसडीह से वापसी की. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी केतकी सिंह को हराया. यह उनकी सातवीं विधानसभा जीत थी. प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्हें अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल में जगह मिली. इस तरह बांसडीह उनके राजनीतिक सफर का नया मजबूत आधार बना.

2017 में मिली आठवीं विधानसभा जीत

2017 में राम गोविंद चौधरी ने बांसडीह से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की. उन्हें 51,201 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी केतकी सिंह को 49,574 वोट मिले. इस जीत के साथ वह आठवीं बार विधायक बने. इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली.

आठ जीतों में छह बार चिलकहर, दो बार बांसडीह

राम गोविंद चौधरी की आठ विधानसभा जीतों का क्रम इस तरह रहा:

1977 — चिलकहर — पहली जीत

1980 — चिलकहर — दूसरी जीत

1985 — चिलकहर — तीसरी जीत

1989 — चिलकहर — चौथी जीत

1991 — चिलकहर — पांचवीं जीत

2002 — चिलकहर — छठी जीत

2012 — बांसडीह — सातवीं जीत

2017 — बांसडीह — आठवीं जीत

इस तरह उनके आठ विधानसभा कार्यकालों में छह जीत चिलकहर और दो जीत बांसडीह से आईं. उत्तर प्रदेश विधानसभा के रिकॉर्ड के मुताबिक उनके नाम 943 प्रश्न और 50 चर्चाएं भी दर्ज हैं.

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