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JPSC PT घोटाला: परीक्षा में सोते रहे, OMR खाली छोड़ी फिर भी मिले नंबर; CID की जांच में बड़ा खुलासा

INT News26 October 2026 at 02:44 pm

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा फर्जीवाड़े को लेकर सीआईडी (CID) की जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. परीक्षा केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जब बारीकी से जांच की गई, तो ऐसे मामलों का पर्दाफाश हुआ जो हर किसी को हैरान कर रहे हैं. जांच में यह बात सामने आई है कि जो परीक्षार्थी परीक्षा हॉल में आराम से सोते और उंघते रहे, उन्हें OMR शीट में जमकर अंक बांटे गए और वे सफल भी घोषित कर दिए गए.

परीक्षा हॉल में सोते और जम्हाई लेते रहे, ओएमआर में मिले 91-92 सही उत्तर

सामने आए तथ्यों के अनुसार, 14वीं JPSC पीटी परीक्षा के सफल अभ्यर्थी ओम प्रकाश राणा परीक्षा के दौरान पूरे समय कक्षा में केवल सोते और जम्हाई लेते हुए नजर आए. लेकिन जब उनकी ओएमआर शीट की जांच की गई, तो उसमें दोनों पत्रों (पेपर्स) में क्रमशः 91 और 92 सही उत्तर दर्ज मिले, जो सीसीटीवी फुटेज में उनकी सुस्ती के बिल्कुल विपरीत था.

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ओएमआर शीट पूरी छोड़ी खाली फिर भी मिले 292 अंक

एक अन्य सफल अभ्यर्थी अरविंद कुमार का मामला तो और भी ज्यादा हैरान करने वाला है. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि अरविंद कुमार परीक्षा कक्ष में पूरी अवधि सिर्फ सोते रहे और उन्होंने ओएमआर शीट पर एक भी गोला नहीं भरा था. इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में 292 अंक दे दिए गए. जब सीआईडी ने उनसे पूछताछ की, तो अरविंद ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी ओएमआर शीट पूरी तरह खाली छोड़ी थी और अपनी कार्बन कॉपी को जला दिया था.

वंदना और रक्षक सिंह के मामलों में भी हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा

यही स्थिति अभ्यर्थी वंदना में भी देखने को मिली थी. सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, परीक्षा के दौरान उन्होंने केवल 49 और 30 प्रश्न ही हल किए थे. लेकिन जब उनकी ओएमआर शीट की जांच हुई, तो उसमें 98 और 92 उत्तर भरे हुए मिले. वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी रक्षक सिंह यही कहानी थी. एफआरओ (FRO) परीक्षा में सफल रहे रक्षक सिंह की कार्बन कॉपी की जांच करने पर उसमें मात्र 31 उत्तर ही दर्ज थे, जबकि उनकी मूल ओएमआर शीट में कुल 147 उत्तर रंगे हुए मिले. जिस तरह से जांच में खुलासे हुए हैं इससे एक बात तो साफ है कि झारखंड में परीक्षा केंद्र के कमरों से लेकर कॉपियों के मूल्यांकन तक व्यापक सांठगांठ चल रही थी.

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