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मानसा झोटा हत्याकांड-धरने पर पहुंचे पूर्व सैनिक:पंजाब भर से इंसाफ के लिए लगे मोर्चे में हुए शामिल, 14 दिन से चल रहा आंदोलन
मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर रोष प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा गोली मारकर की गई इस हत्या के विरोध में पिछले 14 दिनों से मानसा के तीन कोनी चौक और सिविल अस्पताल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। परिजन और इंसाफ कमेटी पंजाब के मुख्यमंत्री तथा डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। मांगों के पूरा न होने के कारण अभी तक मृतक परविंदर सिंह का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है। पंजाब भर से पहुंचे पूर्व सैनिकों ने निकाला रोष मार्च सोमवार को इस संघर्ष को उस समय और बल मिला जब पंजाब के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मानसा पहुंचे और धरने में शामिल होकर परिवार का समर्थन किया। पूर्व सैनिक नेताओं—दर्शन सिंह, रघुवीर सिंह, मेजर सिंह, सुखदीप सिंह और राजवीर सिंह ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा समाज को नशे के दलदल से बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन ड्रग माफिया ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। पूर्व सैनिकों ने मानसा शहर में एक विशाल रोष मार्च भी निकाला। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि वह बिना किसी देरी के इंसाफ कमेटी की सभी मांगों को स्वीकार करे। पूर्व सैनिक नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ित परिवार और समाज को पूरा इंसाफ नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।