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रेवाड़ी की एक रूट पर 8 बसों का रात्रि ठहराव:कई रूटों पर घंटों इंतजार कर रहे यात्री, व्यवस्था पर उठे सवाल
रेवाड़ी रोडवेज डिपो में बसों के संचालन को लेकर अधिकारियों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ रेवाड़ी से जयपुर जाने वाली लीज की 8 बसों का रात्रि ठहराव नारनौल रूट रात्रि ठहराव किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ कोसली, दिल्ली और धारूहेड़ा-भिवाड़ी-सोहना-तावडू जैसे रूटों पर बसों के बीच कई घंटे का अंतर है। कोसली रूट पर सुबह 5 बजे के बाद अगली बस सवा 7 बजे मिलती है, जबकि दिल्ली रूट पर दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद ढाई बजे एसी बस है, जिसका किराया सामान्य बस से डेढ़ गुना है। धारूहेड़ा-भिवाड़ी-सोहना-तावडू मार्ग पर सुबह 11 बजे के बाद बस उपलब्ध नहीं होने की शिकायत है। ऐसे में एक रूट पर बसें बढ़ाने और दूसरे रूटों पर कमी दूर नहीं करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नारनौल में रात बिताकर सुबह रेवाड़ी आएंगी बसें जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी से जयपुर चलने वाली लीज की 8 बसों का रात्रि ठहराव नारनौल रूट पर किया गया है। यह बसें सुबह पहले नारनौल डिपो जाएंगी और वहां से सवारियां लेकर रेवाड़ी पहुंचेंगी। इसके बाद अपने मूल रूट जयपुर पर रवाना होंगी। इस व्यवस्था से बसों के कुल किलोमीटर बढ़ गए हैं, लेकिन सूत्रों का दावा है कि कमाई बढ़ने के बजाय घट गई है। सूत्रों के अनुसार इन बसों का रात्रि ठहराव शुरू करने के पीछे यात्री भार और आमदनी बढ़ाने का तर्क दिया गया है। रोडवेज यूनियन ने आरोप लगाया कि नारनौल रूट के कुछ अधिकारियों के दबाव में यह व्यवस्था की गई है। लीज की बसों को फायदा पहुंचाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। दिल्ली और दूसरे रूटों पर बसों के बीच लंबा अंतराल रोडवेज डिपो में बसों की कमी का असर कई रूटों पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली रूट पर दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद अगली बस ढाई बजे है। यह एसी बस होने के कारण यात्रियों को सामान्य बस की तुलना में डेढ़ गुना किराया देना पड़ता है। वहीं, कोसली रूट पर सुबह 5 बजे के बाद अगली बस सवा 7 बजे उपलब्ध होती है। धारूहेड़ा-भिवाड़ी-सोहना-तावडू मार्ग पर सुबह 11 बजे के बाद बस सेवा नहीं होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, कई ऐसे स्टॉप भी हैं, जहां यात्रियों की संख्या और कमाई अच्छी होने के बावजूद पर्याप्त बसें नहीं भेजी जा रही हैं। ऐसे में यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार बसों के फेरे भी प्रभावित होते हैं। जनप्रतिनिधियों ने शुरू कराई बसें, अब कई सेवाएं बंद रोडवेज यूनियन के प्रधान प्रवीन यादव का कहना है कि कोसली के पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह ने करीब ढाई साल पहले कोसली बस स्टैंड से मुरादाबाद, अलवर, हरिद्वार और खाटूश्याम के लिए बस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर शुरू कराया था। जानकारी के अनुसार, ये सेवाएं पिछले छह माह से बंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बसों में अच्छा यात्री भार रहता था। कोसली से जयपुर के लिए बस डहीना, खोल और कुंड होते हुए जाती है, लेकिन वापसी का फेरा नहीं होने से यात्रियों को परेशानी होती है। इसी तरह बावल से चंडीगढ़ के लिए विधायक की ओर से शुरू कराई गई एसी बस सेवा भी बंद हो चुकी है। ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या में बढ़ानी चाहिए ताकि यात्रियों को रोडवेज बस सेवा का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सकें। नई बसों के आने के बाद होगा व्यवस्था में बदलाव जीएम निरजंन शर्मा का कहना है कि नारनौल रूट पर यात्री भार को देखते हुए कुछ बसों का रात्रि ठहराव शुरू किया था। अगर किसी रूट पर बसों की संख्या कम है तो बसों के फेरे बढा दिए जाएंगे। फिलहाल डिपो में बसों की कमी है। कुछ नई बसें मिलने वाली हैं। इनके उपलब्ध होते ही अधिक आवश्यकता वाले रूटों पर प्राथमिकता के आधार पर बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे।