Monday, 26 October 2026
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साध्वी ने पेड़ पर लटके फोटो जलाए...लटकते पुतले हटाए:उज्जैन के मेलडी माता मंदिर पहुंची साध्वी हरिप्रिया, बोली-दुश्मनों की तस्वीर पर कील ठोकना अंधविश्वास

INT News26 October 2026 at 03:56 pm

उज्जैन के विक्रांत भैरव क्षेत्र स्थित सती माता मंदिर (मेलडी माता मंदिर) परिसर में पेड़ों पर महिला-पुरुषों के फोटो लगाकर उनमें कीलें ठोंकने का मामला सामने आया है। यहां कुछ जगहों पर सैंडल और कपड़ों से बने पुतले भी टंगे मिले। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इन गतिविधियों को शत्रु नाश से जोड़कर देखा जाता है। मामले की जानकारी मिलने पर अटल अखाड़े की साध्वी हरिप्रिया मंदिर पहुंचीं। उन्होंने पेड़ों से फोटो और कीलें हटाईं और फोटो जला दिए। साध्वी ने इस प्रथा को अंधविश्वास बताते हुए कहा कि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ उज्जैन की धार्मिक छवि भी प्रभावित हो सकती है। पेड़ों में कीलें ठोकने से पर्यावरण को नुकसान साध्वी हरिप्रिया ने कहा कि पेड़ों में कीलें ठोकने से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। उज्जैन देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर परिसर में इस तरह के फोटो और तंत्र-मंत्र से जुड़ी निशानियां देखकर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं में भय पैदा हो सकता है। इससे उज्जैन की धार्मिक छवि और मंदिर की प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है। पुलिस में शिकायत, सीएम से मिलने की बात साध्वी ने कहा कि मामले को लेकर पुलिस थाने में शिकायत की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगना जरूरी है। शत्रु नाश के पूजन की मान्यता स्थानीय स्तर पर इस मंदिर को शत्रु नाश के पूजन से जोड़कर देखा जाता है। कुछ लोगों का दावा है कि पारिवारिक और निजी विवादों से परेशान लोग यहां ऐसे पूजन कराने आते हैं। गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी लोगों के आने की बात कही जाती है, हालांकि इन दावों के स्वतंत्र आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। मंदिर के आसपास भैरव मंदिर और श्मशान घाट होने के कारण यहां तंत्र साधना को लेकर चर्चाएं होती हैं, लेकिन हर गतिविधि को तंत्र साधना से जोड़ने का स्वतंत्र प्रमाण नहीं है। मंदिर का मूल नाम सती माता मंदिर बताया जाता है, जबकि पिछले कुछ समय से मेलडी माता नाम अधिक प्रचलित हुआ है।