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रांची में होर्डिंग लगाकर डॉक्टर नहीं कर सकेंगे अपना प्रचार! 8 डॉक्टरों और अस्पतालों को नोटिस

Jharkhand State Medical Council: राजधानी रांची की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग व पोस्टर लगाकर अपना प्रचार करनेवाले डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल ने कार्रवाई शुरू कर दी है. काउंसिल ने ऐसे आठ डॉक्टरों और अस्पतालों को नोटिस जारी किया है. नोटिस निबंधक सह सचिव डॉ बिमलेश सिंह की ओर से जारी किया गया है. इसमें चिकित्सकीय आचार संहिता के प्रावधानों की जानकारी देते हुए उनके उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया है.
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निजी प्रचार पर मेडिकल काउंसिल सख्त
झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल की ओर से जारी नोटिस में 'प्रोफेशनल कंडक्ट, एटिकेट एंड एथिक्स रेगुलेशंस, 2002' के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के आचार संहिता संबंधी नियमों की अनदेखी कर होर्डिंग और पोस्टर के माध्यम से चिकित्सकों का प्रचार किया गया है. निबंधक सह सचिव डॉ बिमलेश सिंह ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि पंजीकृत चिकित्सकों की ओर से निजी प्रचार और विज्ञापन करना प्रतिबंधित है. इसे चिकित्सकीय पेशे की गरिमा और निर्धारित आचार संहिता के खिलाफ माना गया है.
चेतावनी से लेकर पंजीकरण निलंबन तक का प्रावधान
नोटिस में बताया गया है कि चिकित्सकीय नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. इसमें चेतावनी देने, अर्थदंड लगाने और चिकित्सक का पंजीकरण निलंबित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं. काउंसिल ने नोटिस के साथ संबंधित होर्डिंग और पोस्टर की छायाप्रति तथा एनएमसी की ओर से छह अक्तूबर को जारी आदेश की प्रति भी संलग्न की है.
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सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेजों को भी पत्र
झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेजों को भी पत्र जारी किया है. इसमें कहा गया है कि डॉक्टरों की ओर से अपने नाम, तस्वीर, डिग्री और इलाज से संबंधित भ्रामक दावों का इस्तेमाल कर होर्डिंग या विज्ञापन के माध्यम से प्रचार करना प्रतिबंधित और अनैतिक है. ऐसे मामलों में संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
गौरतलब है कि में 23 अक्तूबर को इस मामले से संबंधित खबर प्रकाशित हुई थी. इसके बाद डॉक्टरों और अस्पतालों के प्रचार से जुड़े मामले में काउंसिल की कार्रवाई चर्चा में है.
इन डॉक्टरों और अस्पतालों को जारी हुआ नोटिस
झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल की ओर से जारी नोटिस में निम्नलिखित डॉक्टरों और अस्पतालों के नाम शामिल हैं.
डॉ सरबजया सिंह — मिराई फर्टिलिटी एंड आइवीएफ सेंटर.
डॉ एसएन यादव और डॉ अपूर्व रंजन — मां रामप्यारी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल.
डॉ निवेदिता मिश्रा — झारखंड लेप्रोस्कोपी एंड गायनी सेंटर.
डॉ सौम्या सिन्हा — बेला इंटिस.
डॉ निधि निकुंज और डॉ निशिता अखौरी — फ्रेया आइवीएफ.
डॉ नेहा रानी — स्किन ब्लिस क्लिनिक.
डॉ जावेद अख्तर हुसैन और डॉ वकार अहमद — लेक व्यू हॉस्पिटल.
डॉ स्वाति सिंह — स्पर्श आई क्लिनिक.
काउंसिल की इस कार्रवाई का उद्देश्य चिकित्सकीय पेशे में निर्धारित आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करना और प्रचार के लिए होर्डिंग व पोस्टर के इस्तेमाल पर नियमों के अनुरूप रोक लगाना है.
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