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बांधवगढ़ से कॉलर आईडी वाला हाथी E-5 फिर मैहर आया:बाणसागर डैम पार कर राममगर के सेमरिया पहुंचा, पहले 22 दिन तक क्षेत्र रुका था
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाणसागर डैम पार कर मैहर वन मंडल की अमरपाटन रेंज में आने वाला कॉलर आईडी युक्त नर हाथी E-5 (C-4) करीब एक महीने बाद फिर मैहर जिले में लौट आया है। गुरुवार तड़के करीब 3- 4 बजे आसपास उसने रामनगर जनपद क्षेत्र की सेमरिया ग्राम पंचायत में प्रवेश किया। हाथी ने फिलहाल किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। उसकी मौजूदगी के बाद आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ाई गई है। अमरपाटन रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि हाथी रामनगर जनपद के पास मैहर वन मंडल क्षेत्र में दोबारा पहुंचा है। अभी वह सेमरिया ग्राम पंचायत के आसपास है। आशंका है कि वह आसपास के गांवों या उनसे लगे जंगल से गुजर सकता है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले जंगल में नहीं जाने को कहा है। हाथी दिखने पर उसके पास जाने या पीछा करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। विभाग ने हाथी को देखने के लिए आसपास भीड़ नहीं लगाने को भी कहा है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे घरों में महुआ और अनाज रखने वाली जगहों पर रात में न सोएं। साथ ही खेतों में खुले में रात न बिताएं। गौरतलब है कि यही हाथी 7-8 सितंबर की रात बाणसागर डैम पार कर रामनगर क्षेत्र की पुरैना पंचायत पहुंचा था। इसके बाद करीब 22 दिनों तक अमरपाटन रेंज के रामनगर क्षेत्र में उसकी आवाजाही रही। 29 सितंबर की शाम वह बाणसागर डैम में करीब 8 किलोमीटर तैरकर शहडोल के जंगलों की ओर लौट गया था। उस दौरान हाथी के हमले में पुरैना पंचायत के किसान कनछेदी यादव की मौत हो गई थी।वह बैल को बचाने निकले थे। हाथी की वापसी के बाद वन विभाग सतर्क है और ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।