Thursday, 29 October 2026
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करवा चौथ आज...जानिए चंद्रमा को अर्घ्य देने का शुभ-मुहूर्त:पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत

INT News29 October 2026 at 09:53 am

पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाएं आज करवा चौथ का व्रत रखी है। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाने के बाद महिलाएं निर्जला व्रत शुरू किया है। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करेंगी। ज्योतिषाचार्य रितेश शास्त्री के मुताबिक, रायपुर में रात 8:18 बजे चंद्रमा निकलने का अनुमान है। चंद्रमा के दर्शन के बाद महिलाएं अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण करेंगी और व्रत खोलेंगी। छत्तीसगढ़ में चंद्रोदय के अनुमानित समय के मुताबिक, सबसे पहले बलरामपुर में रात 8:02 बजे चांद निकलने की उम्मीद है। इसके बाद अंबिकापुर में रात 8:03 बजे और कोरबा में रात 8:06 बजे चंद्रमा के दर्शन हो सकते हैं। जगदलपुर में रात 8:17 से 8:22 बजे के बीच चांद निकलने का अनुमान है। इस बार चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से कई जगहों पर बादल छाए रहने की आशंका है, जिससे चंद्रमा के दर्शन में देरी हो सकती है। चतुर्थी तिथि रात 10:11 बजे तक ज्योतिषाचार्य रितेश शास्त्री के अनुसार, चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की रात 1 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 29 अक्टूबर की रात 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर पति की लंबी उम्र, परिवार की खुशहाली और दांपत्य जीवन में सुख-शांति की कामना करेंगी। शिव-पार्वती और गणेशजी की करेंगी पूजा करवा चौथ पर महिलाएं शाम को विधि-विधान से पूजा करेंगी। भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता को मिठाई, पूरी-सब्जी और अन्य पकवानों का भोग लगाया जाएगा। चंद्रमा निकलने पर महिलाएं छलनी से चांद और पति के दर्शन करेंगी। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों पानी पीकर व्रत पूरा करेंगी। कई महिलाएं लाल कपड़े पहनकर सोलह शृंगार भी करेंगी। करवे में जल के साथ चावल और सिक्का रखेंगी करवा चौथ की पूजा में करवे का खास महत्व है। महिलाएं करवे में पानी भरकर रखेंगी और इसी जल से चंद्रमा को अर्घ्य देंगी। परंपरा के अनुसार करवे में साबुत चावल, सिक्का और फूल भी रखे जाएंगे। पूजा में रोली का इस्तेमाल किया जाएगा। करवे में रखी जाने वाली सामग्री अलग-अलग जगहों की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है। शुक्रादित्य और बुधादित्य योग को शुभ मान रहे ज्योतिषाचार्य ज्योतिषाचार्य रितेश शास्त्री के मुताबिक, इस बार ग्रहों की स्थिति से शुक्रादित्य और बुधादित्य योग बन रहे हैं। ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, वैवाहिक जीवन और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है। वहीं, सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग बनता है। इन योगों को करवा चौथ के लिए शुभ माना जा रहा है। महिलाएं पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करेंगी। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू किया व्रत करवा चौथ पर व्रत शुरू करने से पहले सरगी खाने की परंपरा है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, मेवे और फेनी जैसी चीजें शामिल होती हैं। महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू किया। दिनभर बिना भोजन और पानी के रहने के कारण व्रत से पहले संतुलित भोजन और पर्याप्त पानी लेना जरूरी माना जाता है। व्रत से पहले खानपान का रखेंगी ध्यान लंबे समय तक निर्जला व्रत रखने से कुछ महिलाओं को कमजोरी, थकान या चक्कर आने की परेशानी हो सकती है। इसलिए व्रत से पहले पर्याप्त पानी पीने और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी जाती है। सरगी में फल, मेवे और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल की जा सकती हैं। जिन महिलाओं को कोई बीमारी है या नियमित दवाएं लेती हैं, उन्हें निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। व्रत खोलने के बाद भी पानी धीरे-धीरे पीना और हल्का भोजन करना बेहतर रहता है। सावित्री और द्रौपदी की कथाओं से जुड़ी है व्रत की परंपरा करवा चौथ से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं में पति की लंबी उम्र के लिए किए जाने वाले व्रतों का उल्लेख मिलता है। सावित्री की कथा के अनुसार, उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प से यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। वहीं, द्वापर युग की एक प्रचलित कथा के मुताबिक वनवास के दौरान अर्जुन की सुरक्षा के लिए द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी थी। श्रीकृष्ण ने उन्हें माता पार्वती द्वारा भगवान शिव के लिए किए गए व्रत की परंपरा बताई। इन कथाओं में पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का महत्व बताया जाता है।