Wednesday, 15 July 2026
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इंदौर में बच्चों के बीमार पड़ने के बाद एक्शन:मेस में मिलीं गंभीर खामियां, 5 फूड सैंपल फेल; स्कूल प्रशासन को 14 दिन का अल्टीमेटम

INT News15 July 2026 at 02:50 pm

शिशुकुंज स्कूल में भोजन करने के बाद बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों की मेस और कैंटीनों की लगातार जांच की जा रही है। इसी क्रम में शिशुकुंज एजुकेशनल सोसायटी, बायपास रोड झलारिया का निरीक्षण किए जाने पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। इसके चलते संस्थान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र (इम्प्रूवमेंट नोटिस) जारी किया गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 22 जून 2026 को किए गए निरीक्षण में पाया गया कि खाद्य निर्माण क्षेत्र की खिड़कियां सुरक्षित रूप से कवर नहीं थीं, जिससे कीट-पतंगों के प्रवेश की संभावना बनी हुई थी। रॉ-मैटेरियल का भंडारण अव्यवस्थित था और एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी संग्रहित मिली, जिससे FIFO और FEFO प्रणाली के पालन में गंभीर लापरवाही सामने आई। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संबंधी जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी, वहीं भोजन निर्माण में कुछ स्थानों पर फूड ग्रेड सामग्री के बजाय एल्यूमिनियम के बर्तनों का उपयोग किया जा रहा था।

निरीक्षण के दौरान इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल किचन में ही रखा मिला। डीप फ्रीजर में तापमान नियंत्रण और डिस्प्ले सिस्टम नहीं था। फूड हैंडलर्स केवल कैप पहने हुए थे, जबकि एप्रन और ग्लव्स का उपयोग नहीं किया जा रहा था। निर्माण में उपयोग किए जा रहे पानी की NABL लैब से प्रमाणित नवीनतम जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी तथा पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड अधूरा पाया गया।

जांच के दौरान लिए गए 23 खाद्य नमूनों में से ड्रिंकिंग वाटर, सोयाबीन तेल, ब्रीओ नमकीन, तुअर दाल और अमूल स्ट्रॉबेरी आइसक्रीम के नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इन नमूनों के फेल होने के आधार पर संबंधित वैधानिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने संस्थान को 14 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर कर आवश्यक दस्तावेजों सहित अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक सुधार नहीं होने पर लाइसेंस या पंजीयन निलंबित करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि संस्थान 14 दिनों के भीतर या उससे पहले सभी कमियों का निराकरण कर देता है तो प्रशासन का संयुक्त दल पुनः निरीक्षण करेगा। सभी मानकों का पालन और आवश्यक दस्तावेज संतोषजनक पाए जाने के बाद ही स्कूल को मेस एवं खाद्य गतिविधियां पुनः संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।