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पौधारोपण के गड्ढों को बताया अवैध खनन, JCB जब्त:सुसनेर में सरपंचों ने तहसीलदार के खिलाफ SDM कार्यालय घेरा, हटाने की मांग
सुसनेर में तहसीलदार राजेश श्रीमाल और सरपंचों के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है। बुधवार को बहुत से सरपंच इकट्ठा होकर डग रोड पर बने एसडीएम ऑफिस पहुंचे और तहसीलदार को तुरंत हटाने की मांग की। उन्होंने एसडीएम को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। सरपंच संघ के अध्यक्ष विक्रमसिंह परमार ने बताया कि पूरा मामला 13 जुलाई का है। ग्राम पंचायत पिपल्या नानकार में कृष्ण गोशाला के पास सरकारी गोचर जमीन पर पेड़ लगाने की तैयारी चल रही थी। इसके लिए जेसीबी मशीन से गड्ढे खोदे जा रहे थे। इसी बीच तहसीलदार राजेश श्रीमाल वहां पहुंचे और उन्होंने इस खुदाई को अवैध खनन (माइनिंग) का मामला बता दिया। बात न सुनने और जेसीबी जब्त करने पर गुस्सा सरपंचों का कहना है कि वहां मौजूद ग्रामीणों और सरपंचों ने तहसीलदार को समझाने की बहुत कोशिश की कि यहां सिर्फ पौधे लगाने के लिए गड्ढे किए जा रहे हैं, कोई अवैध माइनिंग नहीं हो रही है। लेकिन तहसीलदार ने उनकी एक नहीं सुनी और माइनिंग इंस्पेक्टर को बुलाकर जेसीबी मशीन जब्त करवाकर थाने भिजवा दी। इस बात से स्थानीय लोगों और सरपंचों में भारी नाराजगी है। आंदोलन और अनशन की दी चेतावनी सरपंच संघ ने तहसीलदार के काम करने के तरीके पर गुस्सा जताते हुए उन्हें सुसनेर से तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को दो दिनों का समय दिया है और कहा है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो सरपंच और ग्रामीण मिलकर धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। तहसीलदार का कहना: कार्रवाई नियम के मुताबिक दूसरी तरफ, इस मामले में तहसीलदार राजेश श्रीमाल का कहना है कि मौके पर सरकारी जमीन से अवैध तरीके से उत्खनन किया जा रहा था, इसलिए नियम के तहत ही जेसीबी जब्त करने की कानूनी कार्रवाई की गई है और यह पूरी तरह सही है।