समाचार · छत्तीसगढ़
सरपंच के WhatsApp स्टेटस पर FIR:दुर्ग में कलेक्टर,SDM के खिलाफ अभद्र भाषा का आरोप, सरपंच बोले- बेटे ने गलती से लगाया था मैसेज
दुर्ग जिले के समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम के खिलाफ कलेक्टर और एसडीएम के संबंध में कथित तौर पर अभद्र भाषा वाले व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत के आधार पर जेवरा सिरसा चौकी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, सरपंच ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके आठ साल के बेटे ने गलती से एक मैसेज स्टेटस पर लगा दिया था। जानकारी मिलते ही उन्होंने उसे हटा दिया। एसडीएम के ज्ञापन के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के ग्राम समोदा का है। शिकायतकर्ता जितेंद्र देशमुख (33), निवासी समोदा और पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरपंच अरुण गौतम के मोबाइल नंबर से लगाए गए व्हाट्सएप स्टेटस में जिले के कलेक्टर और एसडीएम के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। शिकायत के आधार पर अनुविभागीय दंडाधिकारी, दुर्ग ग्रामीण कार्यालय ने 27 अक्टूबर को ज्ञापन क्रमांक 2358/वाचक/2026 जारी किया। इसमें संबंधित व्हाट्सएप स्टेटस की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और FIR दर्ज कराने के लिए कहा गया था। पुलिस को 28 अक्टूबर को ज्ञापन प्राप्त हुआ, जिसके बाद मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। पुलिस बोली- शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच जारी एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र में एक व्यक्ति के व्हाट्सएप स्टेटस पर अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने आईटी एक्ट और अभद्र भाषा से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत, उपलब्ध स्क्रीनशॉट और अन्य तथ्यों की पड़ताल करेगी। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि विवादित स्टेटस किस परिस्थिति में लगाया गया और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई बनती है। सरपंच बोले- रिश्तेदार से चैटिंग के दौरान बेटे ने लगाया मैसेज आरोपों पर सरपंच अरुण गौतम ने कहा कि वह अपने एक रिश्तेदार से सामान्य रूप से व्हाट्सएप पर चैटिंग कर रहे थे। बातचीत के दौरान भेजे गए एक मैसेज को उनके आठ साल के बेटे ने गलती से स्टेटस पर लगा दिया। जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत स्टेटस हटा दिया था। सरपंच का कहना है कि गांव का सरपंच होने के कारण उनके खिलाफ पहले से कई मामले चल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से इस घटना को मुद्दा बनाया जा रहा है और उनके विरोधियों को उनके खिलाफ एक और मुद्दा मिल गया है। यह सरपंच का पक्ष है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। शिकायतकर्ता ने पुराने मामलों का भी किया जिक्र शिकायतकर्ता जितेंद्र देशमुख ने सरपंच के खिलाफ पहले से चल रही कुछ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, सरपंच का नाम चौकी की गुंडा-बदमाश सूची में दर्ज है और उनके खिलाफ शांति भंग से संबंधित मामला भी है। देशमुख ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 122 के तहत निर्वाचन शून्य होने और हाईकोर्ट से स्टे मिलने का दावा भी किया है। इसके अलावा, उन्होंने पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत अनियमितताओं से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की बात कही। शिकायतकर्ता के मुताबिक, सरपंच की पत्नी अन्नु गौतम को 6 लाख 67 हजार 160 रुपए की वसूली का नोटिस भी मिला है। इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। अफीम की खेती के मामले में भी चर्चा में आया था गांव दुर्ग जिले का समोदा गांव मार्च 2026 में कथित अफीम की खेती के मामले को लेकर चर्चा में आया था। अब सरपंच के व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद गांव फिर सुर्खियों में है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर विवादित स्टेटस, उसमें इस्तेमाल भाषा और संबंधित परिस्थितियों को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।