Thursday, 29 October 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

भोपाल में प्यारे मियां के कांड, प्रारंभ से अंत तक:6 साल पहले रातीबड़ के जंगल में मिलीं 5 बच्चियां, खुला प्यारे मियां का काला सच

INT News29 October 2026 at 06:47 pm

जुलाई 2020 की एक रात भोपाल के रातीबड़ इलाके में पुलिस गश्त कर रही थी। इसी दौरान पांच नाबालिग बच्चियां जंगल में संदिग्ध और नशे की हालत में मिलीं। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। काउंसलिंग कराई तो ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। बच्चियों ने बताया कि उन्हें जन्मदिन की पार्टी के बहाने शाहपुरा क्षेत्र की विष्णु हाईटेक सिटी स्थित एक फ्लैट में बुलाया गया था, जहां उनके साथ यौन अपराध किए गए। जांच की कड़ियां पूर्व अखबार संचालक अब्दुल अय्यूब उर्फ प्यारे मियां तक पहुंचीं। इसके बाद सामने आई कहानी में नाबालिग बच्चियों को लालच देकर अपने जाल में फंसाने, कथित शोषण और उन्हें डराने के आरोप शामिल थे। करीब छह साल बाद 27 अक्टूबर को विशेष पॉक्सो अदालत ने इस मामले में प्यारे मियां को 10 अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें आठ सजाएं शेष प्राकृतिक जीवन तक जेल में रहने की हैं। अदालत ने उस पर 77.64 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। सबसे पहले पढ़िए शुरुआत: नौकरी और हर महीने 10 हजार रुपए का लालच जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, प्यारे मियां 2014 से नाबालिग बच्चियों को निशाना बना रहा था। बच्चियों को घर में नौकरी दिलाने और हर महीने 10 हजार रुपए देने का लालच दिया जाता था। आरोप था कि इस तरीके से बच्चियों और उनके परिवारों का भरोसा जीतने की कोशिश की जाती थी। मामले में राबिया बी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। उस पर बच्चियों को प्यारे मियां तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप लगा। यह मामला सिर्फ किसी एक मुलाकात या पार्टी तक सीमित नहीं था। जांच के दौरान पुलिस ने बच्चियों के बयान, घटनास्थल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों सहित कई पहलुओं की पड़ताल की। इन्हीं कड़ियों ने आगे चलकर मामले को अदालत तक पहुंचाया। 11 जुलाई 2020: रातीबड़ की गश्त से खुला मामला 11 जुलाई 2020 की रात पुलिस को रातीबड़ इलाके में स्कूटी पर पांच बच्चियां संदिग्ध और नशे की हालत में मिलीं। पुलिस ने उनसे बातचीत की और बाद में उनकी काउंसलिंग कराई। इसी दौरान बच्चियों ने जन्मदिन मनाने के बहाने शाहपुरा के एक फ्लैट में बुलाए जाने की बात बताई। अभियोजन के अनुसार, फ्लैट में बच्चियों को शराब पिलाई गई और उनके साथ यौन अपराध किए गए। बच्चियों के बयानों के बाद पुलिस की जांच शाहपुरा थाना क्षेत्र तक पहुंची। मामला सामने आने के साथ ही पुलिस ने आरोपियों की भूमिका, फ्लैट में मौजूद वस्तुओं और बच्चियों के साथ हुई घटनाओं से जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू की। फ्लैट की तलाशी में मिले हिडन कैमरे और पिस्टल पुलिस ने संबंधित फ्लैट की तलाशी ली तो जांच में हिडन कैमरे, पिस्टल और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई। आरोप था कि कैमरों से बच्चियों के वीडियो बनाए जाते थे। उनका इस्तेमाल उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था। बच्चियों को डराने-धमकाने के आरोप भी जांच का हिस्सा बने। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण रहे। पुलिस ने बच्चियों के बयानों के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर आरोपों की पड़ताल की। इस चरण में मामला केवल यौन अपराध के आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कथित रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेलिंग के पहलू भी सामने आए। गिरफ्तारी से बचने के लिए भागा, श्रीनगर से पकड़ा गया मामला सामने आने के बाद प्यारे मियां फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। विशेष जांच दल बनाया। उसकी तलाश भोपाल से बाहर तक पहुंची। आखिरकार 15 जुलाई 2020 को पुलिस ने उसे जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाया गया और जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने मामले से जुड़े अन्य लोगों और संपत्तियों की भी पड़ताल की। बच्चियों के बयान, बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। इसके बाद मामला लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरा। 2022 में भी दूसरे पॉक्सो मामले में मिली थी उम्रकैद प्यारे मियां को पांच बच्चियों से जुड़े जुलाई 2020 के मामले से पहले भी एक अलग पॉक्सो प्रकरण में सजा मिल चुकी थी। 7 मार्च 2022 को उसे अपनी नाबालिग सौतेली नवासी के यौन शोषण से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। यह फैसला मौजूदा मामले से अलग था। दोनों मामलों को अलग-अलग अपराधों और न्यायिक कार्यवाहियों के रूप में देखना जरूरी है। छह साल बाद फैसला: 10 बार उम्रकैद, 77.64 लाख रुपए जुर्माना 27 अक्टूबर को विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने पांच बच्चियों से जुड़े मामले में प्यारे मियां को 10 अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें पॉक्सो की आठ धाराओं में शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास और दो अन्य धाराओं में आजीवन कारावास शामिल है। अदालत के आदेश के मुताबिक, सभी सजाएं साथ चलेंगी। उस पर 77.64 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने अपराध को क्रूर और असहनीय बताते हुए कहा कि जिस उम्र में आरोपी को बच्चियों की देखभाल और सुरक्षा करनी चाहिए थी, उस उम्र में वह उनके लिए डर और असुरक्षा की वजह बना। अदालत ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक पीड़िता के माता-पिता को 10 लाख रुपए और तीन अन्य पीड़िताओं को 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की बात सामने आई है। मामले में सहयोगी राबिया बी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई। 400 रुपए की नौकरी से की थी शुरुआत प्यारे मियां 400 ने रुपए महीने की नौकरी से शुरुआत की थी। धीरे-धीरे उसने राजनीतिक लोगों से संपर्क बढ़ाने शुरू कर दिए और पत्रकार बन गया। बुधवारा स्थित हाथी खाने में उसने सरकारी आवास आवंटित करा लिया था। यहां उसने कई मकानों पर कब्जा कर लिया था। ये खबरें भी पढ़ें… नाबालिगों से यौन शोषण- प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद भोपाल की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के मामले में 78 वर्षीय प्यारे मियां को अलग-अलग धाराओं में 10 बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें 8 सजाएं शेष प्राकृतिक जीवन तक जेल में रहने की हैं, जबकि 2 आजीवन कारावास की हैं। अदालत ने उस पर 77 लाख 64 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।पूरी खबर पढ़ें प्यारे मियां सेक्स स्कैंडल की पीड़िता बोली- मैं जिसे अब्बू कहती थी, वो शराब पिलाकर नचाता था मैं उसे अब्बू कहती थी, लेकिन दुनियादारी की समझ से पहले उसने मुझे ऐसे दलदल में धकेल दिया जिसके बारे में सोचकर भी घिन आती है। प्यारे मियां तो पकड़ा गया, लेकिन पिछले 5 साल में 5 रातें भी ऐसी नहीं रहीं, जब मैं चैन से सो पाई हूं। पढ़ें पूरी खबर