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घरौंडा मंडी में बारिश से फिर भीगा धान:5.99 लाख क्विंटल की आवक, 4 लाख 36 हजार 219 क्विंटल की सरकारी खरीद
करनाल जिले में घरौंडा की नई अनाज मंडी में धान की उठान धीमी होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। गुरुवार को बारिश के कारण मंडी में खुले में पड़ी धान की बोरियां फिर भीग गई। किसानों का कहना है कि समय पर उठान होता तो धान को बारिश से बचाया जा सकता था। उनका आरोप है कि इस बार मंडी में जिले की ही धान पहुंची है, इसके बावजूद सरकारी एजेंसियां समय पर उठान नहीं कर पाईं। धीमी उठान से किसानों में रोष है और उनकी फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। सरकारी खरीद की 1.44 लाख क्विंटल धान मंडी में अटकी मार्केट कमेटी कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार, 29 अक्टूबर सुबह साढ़े 10 बजे तक मंडी में करीब 5.99 लाख क्विंटल धान की आवक हुई। इसमें से 4 लाख 36 हजार 219 क्विंटल धान की सरकारी खरीद हुई, जबकि निजी खरीदारों ने 71 हजार 694 क्विंटल धान खरीदी। इसके बावजूद 91 हजार 838 क्विंटल धान की खरीद अभी बाकी है। उठान के आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी एजेंसियां अब तक 2,91,849 क्विंटल धान ही मंडी से उठा पाई हैं। सरकारी खरीद की 1,44,370 क्विंटल धान अभी भी मंडी में पड़ी है। सरकारी एजेंसियों की ओर से खरीदी गई धान की करीब 67 प्रतिशत उठान ही हो पाई है। ऐसे में बड़ी मात्रा में फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है। निजी खरीदारों की 97 प्रतिशत उठान, सरकारी व्यवस्था पर सवाल निजी खरीदारों की उठान की स्थिति सरकारी एजेंसियों से बेहतर है। उनकी खरीदी गई धान की 97 प्रतिशत उठान हो चुका है और केवल 1,844 क्विंटल धान मंडी में बाकी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निजी खरीदारों की तरह सरकारी एजेंसियां तेजी से उठान क्यों नहीं कर पा रही। उठान में देरी से किसानों की फसल बारिश में भीग रही है और नुकसान की आशंका बढ़ रही है। मौसम खराब होने से उठान प्रभावित: सचिव मार्केट कमेटी सचिव सुनील ने कहा कि घरौंडा मंडी में धान की उठान तेजी से किया जा रहा है और काम लगातार जारी है। गुरुवार को मौसम खराब होने के कारण उठान में थोड़ी दिक्कत आई है। घरौंडा मंडी में फिर भीगी धान, उठान धीमी होने से किसान परेशान बता दें कि, 1 अक्तूबर से आज सुबह 10:30 बजे तक 5 लाख 99 हजार क्विंटल आवक हुई। सरकारी एजेंसियों ने 4 लाख 36 हजार क्विंटल धान खरीदी, लेकिन 1 लाख 44 हजार क्विंटल की उठान बाकी है। सरकारी खरीद की करीब 67 प्रतिशत उठान हुआ, जबकि निजी खरीदारों की 97 प्रतिशत उठान हो चुका है। मार्किट कमेटी सचिव सुनील कुमार ने कहा कि खराब मौसम से उठान प्रभावित हुई है।