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चंडीगढ़ PGI न्यूजवीक की विश्वस्तरीय अस्पतालों की लिस्ट में:हृदय से कैंसर तक 5 विशेषज्ञताओं को जगह; चिकित्सा शिक्षा-रिसर्च में मिली पहचान
चंडीगढ़। पीजीआई चंडीगढ़ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चिकित्सा सेवाओं की पहचान मजबूत की है। संस्थान को न्यूजवीक की World’s Best Specialized Hospitals 2027 सूची में पांच चिकित्सा विशेषज्ञताओं में शामिल किया गया है। इनमें कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), एंडोक्राइनोलॉजी (हार्मोन संबंधी बीमारियां), ऑन्कोलॉजी (कैंसर), पीडियाट्रिक्स (बाल चिकित्सा) और पल्मोनोलॉजी (फेफड़ों के रोग) शामिल हैं। यह सूची न्यूजवीक ने वैश्विक डेटा विश्लेषण कंपनी स्टेटिस्टा के सहयोग से तैयार की है। इस उपलब्धि को पीजीआई में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की देखभाल, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है। संस्थान देशभर से आने वाले मरीजों को जटिल बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराता है। टीमवर्क और बेहतर इलाज पर जोर पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान संस्थान के लिए गर्व की बात है। यह उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं देने के प्रति पीजीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इसका श्रेय फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी टीमों और अन्य कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। प्रो. लाल के अनुसार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज के साथ नई तकनीक, अनुसंधान, मरीजों की पहुंच और संवेदनशील देखभाल भी जरूरी है। यह उपलब्धि संस्थान को चिकित्सा सेवाओं और शिक्षा के स्तर में और सुधार के लिए प्रेरित करेगी। मरीजों के अनुभव भी आकलन का हिस्सा न्यूजवीक और स्टेटिस्टा की रैंकिंग के सातवें संस्करण में अस्पतालों का आकलन प्रतिष्ठा, मान्यता और इलाज के परिणामों से जुड़े विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया है। इसमें पेशेंट-रिपोर्टेड आउटकम मेजर्स (PROMs) को भी महत्व दिया गया है। इसके तहत मरीजों से मिली जानकारी के आधार पर इलाज के उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव को समझा जाता है। 1962 में हुई थी संस्थान की स्थापना वर्ष 1962 में स्थापित पीजीआई चंडीगढ़ देश का प्रमुख चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं का संस्थान है। यहां मरीजों के इलाज के साथ डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने और नई उपचार पद्धतियों पर शोध करने का काम भी किया जाता है।