Wednesday, 7 October 2026
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जीजेयू में रिसर्च स्कॉलर्स धरने पर बैठे:तुरंत फेलोशिप जारी करने और 2020 के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार फीस लागू करने की मांग

INT News7 October 2026 at 10:55 am

हिसार में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में रिसर्च स्कॉलर एसोसिएशन की ओर से अपनी मांगों को लेकर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। आंदोलन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और शोधार्थियों के बीच पहले दौर की वार्ता हुई, जो बेनतीजा रही। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में मांगों को लेकर तीखी बहस भी हुई। रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और अपने पुराने रुख पर ही अड़ा हुआ है। वहीं, शोधार्थी संजू बौद्ध लगातार भूख हड़ताल पर बैठे रहे, जबकि शोधार्थी प्रदीप यादव ने सांकेतिक हड़ताल में भाग लेकर आंदोलन को समर्थन दिया। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और तेज: एसोसिएशन रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन के प्रधान सोनू कुमार ने कहा कि शोधार्थियों की मांगें लंबे समय से अटकी हुई हैं। यदि प्रशासन ने इन्हें जल्द पूरा नहीं किया तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।उन्होंने बताया कि अभी विश्वविद्यालय के सभी शोधार्थियों तक आंदोलन की पूरी जानकारी नहीं पहुंची है। आने वाले दिनों में और अधिक शोधार्थी और छात्र संगठन इस लड़ाई में उनके साथ जुड़ेंगे। जब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता, धरना खत्म नहीं होगा। ये हैं शोधार्थियों की 7 प्रमुख मांगें… लंबित फेलोशिप का भुगतान: जिनकी यूनिवर्सिटी फेलोशिप अवॉर्ड हो चुकी है, उन्हें तुरंत जारी की जाए। वर्ष 2022 से 2025 तक की बकाया फेलोशिप का जल्द भुगतान हो। पारदर्शी प्रक्रिया: फेलोशिप की लंबित प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और पात्र शोधार्थियों को समय सीमा के भीतर फेलोशिप मिले। 2020 के प्रॉस्पेक्टस के अनुसार फीस: शोधार्थियों पर वर्ष 2020 के प्रॉस्पेक्टस के तहत ही फीस लागू हो। लगातार बढ़ाई जा रही अनावश्यक फीस वृद्धि पर रोक लगे। फीस में स्पष्टता: फीस एवं अन्य शुल्कों में पारदर्शिता हो और किसी भी बढ़ोतरी से पहले स्पष्ट जानकारी दी जाए। टर्निटिन ID की सुविधा: प्लेजरिज्म चेकिंग की आईडी उपलब्ध कराई जाए, ताकि शोधार्थी खुद अपने रिसर्च पेपर की प्लेजरिज्म जांच कर सकें। कामकाज की समय सीमा: प्रशासनिक व अकादमिक कार्यों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाए और फाइलें न लटकाई जाएं। नियमित संवाद: शोधार्थियों की समस्याओं और शोध सुविधाओं के समाधान के लिए छात्र प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन नियमित बैठक करे।