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अरुणाचल प्रदेश में 11,200 MW की परियोजना पर बवाल, NHPC दफ्तर और पुलिस स्टेशन में लगा दी आग

अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले के पासीघाट में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया. टाइम्स ऑफ इंडिया ने पुलिस के हवाले से खबर दी है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर NHPC के दफ्तर और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी. इसके अलावा दो विधायकों और राज्य बीजेपी अध्यक्ष के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई. इस प्रदर्शन में जेन जी के शामिल होने की बात कही गई है.
पुलिस के मुताबिक, पत्थरबाजी में 40 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. वहीं, आंसू गैस का गोला लगने से एक प्रदर्शनकारी के पैर में चोट आई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. हिंसा और आगजनी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पासीघाट, मेबो और रुक्सिन में सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर रोक लगा दी है.
ईस्ट सियांग की डिप्टी कमिश्नर जयन्ती पर्टिन ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि प्रतिबंध 24 अक्टूबर को शाम 5 बजे से लागू होंगे. ये आदेश अगले निर्देश तक जारी रहेंगे. प्रशासन ने यह कदम प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उठाया है.
बंद खत्म होते ही भड़की हिंसा
अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग परियोजना के विरोध में आदि बाने केबांग यूनाइटेड समेत कई संगठनों ने 12 घंटे का बंद बुलाया था. यह बंद शाम 5 बजे शांतिपूर्वक खत्म हो गया, लेकिन इसके बाद हिंसा भड़क उठी.
हिंसा के दौरान डीएसपी के सिर में लगी चोट
हिंसा के दौरान एक डीएसपी के सिर में चोट लग गई. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए असम के डिब्रूगढ़ ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
हिंसा के दौरान केंद्रीय बलों के जवान भी घायल
पासीघाट में सियांग परियोजना के विरोध में हुई हिंसा में केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान भी बुरी तरह घायल हुए हैं. सेंट्रल रेंज के आईजीपी हिबू तमांग के मुताबिक, भीड़ ने उस अस्पताल पर भी पत्थरबाजी की, जहां घायल जवानों को इलाज के लिए ले जाया गया था. हिंसा के दौरान कम से कम 9 पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा.